पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 में AAP और INDIA गठबंधन की रणनीति फेल होती नजर आ रही है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की दोनों राज्यों में सक्रिय प्रचार के बावजूद खराब नतीजे दिख रहे हैं।
केजरीवाल की असफलता
केजरीवाल ने बंगाल और तमिलनाडु में जमकर प्रचार किया। उन्होंने कई रैलियां कीं और AAP के लिए वोट मांगे। लेकिन शुरुआती रुझानों में AAP या INDIA गठबंधन को खास फायदा नहीं मिलता दिख रहा है।
TMC और DMK को फायदा
बंगाल में TMC और तमिलनाडु में DMK मजबूत स्थिति में हैं। केजरीवाल के प्रचार के बावजूद दोनों पार्टियां अपनी पकड़ बनाए हुए हैं।
क्या रही वजह?
- स्थानीय मुद्दों का दबदबा
- क्षेत्रीय दलों की मजबूत जड़ें
- AAP की सीमित पहुंच
केजरीवाल का बयान
केजरीवाल ने पहले दावा किया था कि वे बंगाल और तमिलनाडु में AAP को मजबूत बनाएंगे, लेकिन रुझान उनके दावों के उलट दिख रहे हैं।
चुनावी असर
यह नतीजा AAP के लिए झटका माना जा रहा है। पार्टी अब दिल्ली और पंजाब पर फोकस करने की रणनीति बना सकती है।