भारत ने पाकिस्तान के साथ सिंधु जल संधि को निलंबित किए एक साल पूरा कर लिया है। इस दौरान भारत ने सख्त रुख अपनाते हुए कई बड़े कदम उठाए हैं।
भारत का सख्त रुख
भारत ने पाकिस्तान के साथ पानी के डेटा शेयरिंग को पूरी तरह बंद कर दिया है। साथ ही सिंधु नदी बेसिन में इंफ्रास्ट्रक्चर पर तेजी से काम चल रहा है।
मुख्य कदम
- पाकिस्तान को सिंधु नदी का पानी संबंधी डेटा देने पर रोक
- नई नहरों, बांधों और जल संरक्षण परियोजनाओं को तेज गति से आगे बढ़ाया जा रहा है
- भारत आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते हुए अपनी जल सुरक्षा को मजबूत कर रहा है
क्यों लिया गया फैसला?
पाकिस्तान द्वारा भारत विरोधी गतिविधियों और आतंकवाद को समर्थन देने के चलते भारत ने सिंधु जल संधि को निलंबित कर दिया था। एक साल बाद भी भारत अपना रुख नहीं बदला है।
प्रभाव
इस फैसले से पाकिस्तान को पानी संबंधी कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। वहीं भारत अपनी नदियों के पानी का बेहतर उपयोग करने की दिशा में काम कर रहा है।
आगे की रणनीति
सरकार सिंधु बेसिन में और नई परियोजनाएं शुरू करने की तैयारी कर रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम भारत की जल सुरक्षा और रणनीतिक मजबूती को बढ़ावा देगा।