बॉलीवुड फिल्म धुरंधर पर प्लेजरिज्म (कॉपी करने) के आरोप में चल रहे केस में बॉम्बे हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला दिया है। कोर्ट ने फिल्म का सेंसर सर्टिफिकेट रद्द करने से इनकार कर दिया है।
कोर्ट का फैसला
हाईकोर्ट ने याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि फिल्म के सर्टिफिकेट को रद्द करने का कोई आधार नहीं है। साथ ही याचिकाकर्ता फिल्मकार को आदित्य धर को बदनाम न करने की चेतावनी भी दी।
क्या था मामला?
एक फिल्मकार ने धुरंधर पर अपनी कहानी चुराने का आरोप लगाया था। उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर फिल्म का सेंसर सर्टिफिकेट रद्द करने की मांग की थी।
कोर्ट ने क्या कहा?
जस्टिस ने साफ कहा कि इस मामले में सेंसर बोर्ड का फैसला सही है। कोर्ट ने याचिकाकर्ता को भी चेतावनी दी कि वे बिना सबूत के किसी को बदनाम न करें।
फिल्म पर असर
इस फैसले के बाद धुरंधर फिल्म पर कोई कानूनी रोक नहीं है। फिल्म पहले की तरह थिएटरों में जारी रहेगी और अपनी सफलता का सफर आगे बढ़ाएगी।
आदित्य धर और रणवीर सिंह की राहत
डायरेक्टर आदित्य धर और अभिनेता रणवीर सिंह को इस फैसले से बड़ी राहत मिली है। फिल्म अभी भी बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन कर रही है।