पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के बाद हुई हिंसा को लेकर सुप्रीम कोर्ट में बड़ी याचिका दायर की गई है। याचिका में राज्य में बढ़ती हिंसा पर चिंता जताई गई है और केंद्र सरकार, राज्य सरकार तथा चुनाव आयोग से तत्काल सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की गई है।
सुप्रीम कोर्ट में याचिका याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया है कि पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद TMC कार्यकर्ताओं द्वारा विपक्षी दलों के कार्यकर्ताओं पर हमले हो रहे हैं। कई जगहों पर संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया और लोगों को डराया-धमकाया जा रहा है। याचिका में कहा गया है कि राज्य सरकार हिंसा को रोकने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रही है।
मुख्य मांगें
- राज्य में तुरंत अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की जाए
- हिंसा प्रभावित इलाकों में प्रभावी कार्रवाई और दोषियों की गिरफ्तारी हो
- चुनाव आयोग हिंसा की निष्पक्ष जांच कराए
- प्रभावित लोगों को सुरक्षा मुहैया कराई जाए
चुनाव आयोग और सरकार की भूमिका
याचिका में चुनाव आयोग पर भी सवाल उठाए गए हैं। कहा गया है कि चुनाव के दौरान और बाद में पर्याप्त सुरक्षा नहीं दी गई, जिससे हिंसा बढ़ी है। विपक्षी दल BJP ने पहले ही राज्यपाल और केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की मांग की थी। TMC ने इन आरोपों को राजनीतिक साजिश बताते हुए खारिज कर दिया है।
पश्चिम बंगाल की स्थिति
चुनाव नतीजों के बाद कई जिलों में हिंसा की घटनाएं सामने आई हैं। विपक्षी कार्यकर्ताओं पर हमले, घरों पर पथराव और धमकियां आम हो गई हैं। कई परिवारों ने सुरक्षा की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है।
अगले कदम
सुप्रीम कोर्ट इस याचिका पर जल्द सुनवाई कर सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर कोर्ट ने सख्त निर्देश दिए तो राज्य में सुरक्षा व्यवस्था में सुधार हो सकता है और हिंसा पर अंकुश लगेगा।