दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने राजघाट पहुंचकर सत्याग्रह किया।
दोनों नेताओं ने महात्मा गांधी की समाधि पर श्रद्धांजलि अर्पित की और शराब घोटाले में अपनी जमानत याचिका खारिज करने वाली जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा पर सवाल उठाया।
मुख्य बातें:
- अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया ने राजघाट पर सत्याग्रह किया
- जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा द्वारा जमानत याचिका खारिज करने पर विरोध
- दोनों नेताओं ने कहा कि फैसला “न्याय के सिद्धांतों” के खिलाफ है
- केजरीवाल ने राजघाट से “सत्य और अहिंसा” का संदेश दिया
केजरीवाल का बयान
अरविंद केजरीवाल ने कहा, “हम न्याय की लड़ाई लड़ रहे हैं। जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा का फैसला पक्षपाती है। हम सत्याग्रह के माध्यम से अपनी बात रख रहे हैं।” मनीष सिसोदिया ने भी कहा कि वे गांधीजी के सिद्धांतों पर चलते हुए शांतिपूर्ण तरीके से संघर्ष करेंगे।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
AAP ने इस सत्याग्रह को “न्याय की लड़ाई” बताया, जबकि BJP ने इसे “ड्रामा” करार दिया। दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले के बाद AAP और BJP के बीच सियासी घमासान और बढ़ गया है।