जम्मू-कश्मीर के डोडा से विधायक मेहराज मलिक की नजरबंदी को जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया है।
कोर्ट ने कहा कि उनकी डिटेंशन गैरकानूनी थी और तत्काल उन्हें रिहा किया जाए।
मुख्य बातें:
- डोडा MLA मेहराज मलिक की डिटेंशन हाईकोर्ट ने रद्द की
- कोर्ट ने डिटेंशन को गैरकानूनी बताया
- मेहराज मलिक को तुरंत रिहा करने के निर्देश
- फैसले के बाद राजनीतिक हलचल तेज
कोर्ट का फैसला
जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने मेहराज मलिक की याचिका पर सुनवाई करते हुए उनकी नजरबंदी को खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि डिटेंशन के लिए दी गई वजहें पर्याप्त नहीं थीं और यह उनके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है।
मेहराज मलिक का बयान
मेहराज मलिक ने फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह न्याय की जीत है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी डिटेंशन राजनीतिक प्रतिशोध के तहत की गई थी।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
यह फैसला जम्मू-कश्मीर की सियासत में हलचल मचा रहा है। PDP और अन्य विपक्षी दलों ने इसका स्वागत किया, जबकि BJP ने कहा कि सुरक्षा कारणों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।