राज्यसभा में राजनीतिक समीकरण में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। आम आदमी पार्टी के सात सांसदों के भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने के बाद भाजपा की ताकत बढ़कर 113 हो गई है।
🏛️ सभापति ने विलय को दी मंजूरी
संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने जानकारी दी कि राज्यसभा के सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने आप के सात सांसदों के विलय को स्वीकार कर लिया है।
📊 एनडीए बहुमत के करीब
इस बदलाव के बाद 245 सदस्यीय राज्यसभा में भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन की संख्या बढ़कर 148 हो गई है, जिससे यह दो-तिहाई बहुमत के करीब पहुंच गया है।
👥 इन सांसदों का हुआ विलय
भाजपा में शामिल होने वाले सांसदों में राघव चड्ढा, संदीप पाठक, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, स्वाति मालीवाल, राजिंदर गुप्ता और विक्रमजीत सिंह साहनी शामिल हैं। अब ये सभी भाजपा संसदीय दल का हिस्सा बन गए हैं।
⚖️ कानूनी विवाद भी शुरू
आप के सांसद संजय सिंह ने इस विलय को गैर-कानूनी बताया है। उनका कहना है कि दलबदल विरोधी कानून के तहत दो-तिहाई सदस्यों की सहमति जरूरी होती है। उन्होंने इस मामले में सभापति को याचिका भेजकर इन सांसदों की सदस्यता खत्म करने की मांग की है।
📌 आप में बचे सिर्फ तीन सदस्य
इस घटनाक्रम के बाद राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के पास अब केवल तीन सदस्य बचे हैं, जबकि भाजपा ने अपनी स्थिति और मजबूत कर ली है।