मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में एक बड़ा घोटाला सामने आया है।
पंचायत सचिव पर आरोप है कि उन्होंने जीवित लोगों के नाम पर मौत के प्रमाण पत्र जारी किए। इस मामले में पंचायत सचिव को तुरंत सस्पेंड कर दिया गया है।
मुख्य बातें:
- छतरपुर में पंचायत सचिव पर जीवित लोगों के नाम पर मौत प्रमाण पत्र जारी करने का आरोप
- कई मामलों में फर्जी मौत प्रमाण पत्र बनाए गए
- प्रशासन ने सचिव को तुरंत सस्पेंड कर दिया
- पुलिस ने जांच शुरू कर दी, आगे की कार्रवाई जारी
घटना क्या हुई? स्थानीय प्रशासन को शिकायत मिली कि पंचायत सचिव ने कुछ लोगों के नाम पर फर्जी मौत प्रमाण पत्र बनाकर लाभ उठाया। जांच में पाया गया कि जिन लोगों के नाम पर प्रमाण पत्र जारी किए गए थे, वे अभी भी जीवित हैं।
प्रशासन की कार्रवाई जिला प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पंचायत सचिव को तुरंत सस्पेंड कर दिया है। साथ ही, पूरे मामले की जांच के लिए टीम गठित की गई है। पुलिस ने भी धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े की धाराओं में FIR दर्ज कर ली है।
स्थानीय प्रतिक्रिया घटना सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश है। कई लोगों ने कहा कि सरकारी योजनाओं और पेंशन में ऐसे फर्जी प्रमाण पत्रों का दुरुपयोग हो रहा था।