🚨 ईडी का बड़ा एक्शन
प्रवर्तन निदेशालय ने पश्चिम बंगाल में राशन वितरण घोटाले (PDS) को लेकर बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने एक साथ 9 ठिकानों पर छापेमारी की।
📍 कई शहरों में छापे
यह कार्रवाई कोलकाता, बर्धमान और हाबरा में की गई। छापेमारी के दौरान अहम दस्तावेज और लेन-देन से जुड़े सबूत जुटाए जा रहे हैं।
📜 घोटाले का पूरा नेटवर्क
जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने सरकारी गेहूं की चोरी का संगठित तंत्र बना रखा था। सप्लायर्स, डीलरों और बिचौलियों की मिलीभगत से गरीबों के लिए भेजा गया राशन बाजार में बेचा जा रहा था।
🧾 बोरियों में हेराफेरी का खुलासा
ईडी के मुताबिक, भारतीय खाद्य निगम और राज्य सरकार की पहचान छिपाने के लिए बोरियों की मार्किंग बदल दी जाती थी। इसके बाद इन्हें निजी माल के रूप में बेचा जाता था।
👤 मुख्य आरोपियों पर नजर
एजेंसी को शक है कि इस पूरे नेटवर्क में निरंजन चंद्र साहा और उनके सहयोगियों की अहम भूमिका है। छापेमारी का मकसद अवैध कमाई और उससे जुड़े दस्तावेजों का पता लगाना है।
📌 इन 9 ठिकानों पर चल रही है तलाशी
- सागर एंटरप्राइजेज: हाबरा बाजार, उत्तर 24 परगना (प्रोपराइटर सुशांतो साहा)
- सुशांतो साहा: श्री नगर, शिव मंदिर के पास, हाबरा
- समीर कुमार चंद्रा: जॉयगाछी, हाबरा
- आदर्श इंटरनेशनल: लेन नंबर 4, हाबरा बाजार
- पार्थ साहा: सुभाष रोड, दक्षिण हाबरा (आदर्श इंटरनेशनल के मालिक)
- मां अन्नपूर्णा राइस कंसर्न: जी.टी. रोड, बर्धमान
- साइनैक्स अन्नपूर्णा उद्योग प्राइवेट लिमिटेड: रूबी पैलेस, बर्धमान
- दौलत राम गुप्ता: ब्रह्मपुर, रीजेंट पार्क, कोलकाता (केजी फूड ट्रेडिंग)
- कंचन सोम: संकरीपुकुर, श्रीपल्ली, बर्धमान
⚡ चुनावी माहौल में बढ़ी हलचल
यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब राज्य में चुनावी माहौल बना हुआ है, जिससे इस मामले को और ज्यादा राजनीतिक महत्व मिल गया है।
👉 कुल मिलाकर, ईडी की इस छापेमारी ने बंगाल के पीडीएस घोटाले की जांच को और तेज कर दिया है।