उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में लकड़ी का उद्योग तेजी से आगे बढ़ रहा है।
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के चालू होने के बाद यहां के व्यापारियों को भारी फायदा हो रहा है। परिवहन आसान होने से लागत घटी है और बाजार पहुंच बढ़ गई है, जिससे कई व्यापारियों को करोड़ों रुपये का मुनाफा हो रहा है।
मुख्य बातें:
- दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे ने सहारनपुर के लकड़ी उद्योग को नई रफ्तार दी
- परिवहन आसान होने से माल ढुलाई का खर्च काफी कम हुआ
- व्यापारियों को अब दिल्ली, NCR और उत्तराखंड के बाजार आसानी से मिल रहे हैं
- कई छोटे-बड़े व्यापारियों की आमदनी में कई गुना बढ़ोतरी हुई
व्यापारियों की खुशी सहारनपुर के लकड़ी व्यापारियों ने बताया कि एक्सप्रेसवे बनने से पहले माल भेजने में 2-3 दिन लग जाते थे और खर्च भी ज्यादा आता था। अब सिर्फ 4-5 घंटे में सामान दिल्ली पहुंच रहा है। एक व्यापारी ने बताया कि उनकी सालाना आमदनी में 40-50% की बढ़ोतरी हुई है। कई नए ऑर्डर आ रहे हैं, जिससे फैक्टरियों में काम बढ़ गया है।
उद्योग पर असर लकड़ी उद्योग सहारनपुर की रीढ़ है। एक्सप्रेसवे के कारण कच्चा माल लाना और तैयार माल भेजना दोनों आसान हो गया है। इससे छोटे कारोबारियों को भी फायदा पहुंच रहा है। उद्योग संघ का कहना है कि आने वाले समय में और ज्यादा निवेश आने की उम्मीद है।
सरकार का दावा उत्तर प्रदेश सरकार का कहना है कि एक्सप्रेसवे जैसी परियोजनाएं सिर्फ यातायात नहीं, बल्कि स्थानीय उद्योगों को भी मजबूत बनाती हैं। सहारनपुर में लकड़ी उद्योग के विकास से हजारों लोगों को रोजगार मिल रहा है।