महाराष्ट्र के नागपुर में जबरन धर्मांतरण के मामले में नया बड़ा खुलासा हुआ है।
पुलिस ने NGO चलाने वाले रियाज काजी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोप है कि वह युवकों को फंसाकर धर्मांतरण करवाने में शामिल था। जांच में उसका नासिक TCS BPO कन्वर्जन रैकेट से भी सीधा लिंक सामने आया है।
मुख्य बातें:
- नागपुर में जबरन कन्वर्जन केस में NGO चालक रियाज काजी गिरफ्तार
- रियाज पर युवकों को धर्मांतरण के लिए लुभाने और दबाव डालने का आरोप
- नासिक TCS BPO कन्वर्जन रैकेट से उसका सीधा संबंध पाया गया
- पुलिस ने मलेशिया कनेक्शन की भी जांच तेज कर दी
क्या है पूरा मामला? रियाज काजी एक NGO के जरिए युवाओं से संपर्क करता था। पुलिस के अनुसार, वह उन्हें आर्थिक मदद, नौकरी और अन्य लालच देकर इस्लाम कबूल करने के लिए मजबूर करता था। नासिक TCS BPO मामले में मुख्य आरोपी नीदा खान और उसके साथियों से भी उसकी कथित मिलीभगत सामने आई है।
पुलिस की कार्रवाई नागपुर पुलिस ने रियाज काजी को गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू कर दी है। उसके NGO के अन्य सदस्यों और ठिकानों पर भी छापेमारी की जा रही है। पुलिस को आशंका है कि यह एक बड़ा नेटवर्क हो सकता है जो महाराष्ट्र के विभिन्न हिस्सों में सक्रिय है।
सामाजिक प्रभाव यह गिरफ्तारी नासिक BPO कन्वर्जन केस को और गहरा कर रही है। BPO सेक्टर में काम करने वाले युवाओं में डर का माहौल है। कई संगठनों ने सरकार से ऐसे नेटवर्क पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।