पश्चिम बंगाल में Special Intensive Revision (SIR) प्रक्रिया पूरी होने के बाद वोटर लिस्ट को लेकर काफी चर्चा हो रही है।
चुनाव आयोग की SIR प्रक्रिया के तहत राज्य में फर्जी और दोहरे वोटरों को हटाने का काम किया गया। इस प्रक्रिया में लाखों नामों की समीक्षा की गई, जिसमें कुछ नाम हटाए गए तो कुछ नए नाम जोड़े गए।
मुख्य बातें:
- SIR प्रक्रिया के बाद वोटर लिस्ट में काफी बदलाव
- फर्जी और दोहरे वोटर हटाए गए
- कई वैध वोटरों के नाम भी गलती से हटने की शिकायतें
- TMC और BJP दोनों पक्ष एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं
- विपक्ष का कहना है कि यह प्रक्रिया निष्पक्ष नहीं थी
चुनाव आयोग ने कहा है कि SIR का मकसद स्वच्छ और सही वोटर लिस्ट तैयार करना था। अब अंतिम वोटर लिस्ट प्रकाशित होने के बाद सभी दलों को अपनी रणनीति के अनुसार चुनाव लड़ना होगा।
यह मुद्दा पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले काफी गर्म है।