केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने ईरान-अमेरिका युद्ध के कारण पश्चिम एशिया में रद्द हुई कक्षा 12 की बोर्ड परीक्षाओं के मूल्यांकन के लिए हाइब्रिड मूल्यांकन पद्धति लागू करने का फैसला किया है।
CBSE ने 27 मार्च 2026 को जारी अधिसूचना में कहा कि पश्चिम एशिया के 7 देशों (UAE, सऊदी अरब, कुवैत, कतर, बहरीन, ओमान और ईरान) में 200 से अधिक CBSE स्कूलों के लगभग 23,000 कक्षा 12 के छात्रों के परिणाम अब हाइब्रिड मोड में घोषित किए जाएंगे।
हाइब्रिड मूल्यांकन का तरीका:
- जिन विषयों की परीक्षा हो चुकी है (17 फरवरी से 28 फरवरी तक), उनके अंक वास्तविक परीक्षा प्रदर्शन के आधार पर लिए जाएंगे।
- बाकी रद्द विषयों में स्कूल आधारित मूल्यांकन का इस्तेमाल होगा:
- 80 या 70 अंकों वाले थ्योरी विषयों में – क्वार्टरली, हाफ-ईयरली और प्री-बोर्ड में से बेस्ट ऑफ थ्री अंक।
- 60, 50 या 30 अंकों वाले विषयों में – अंतिम प्री-बोर्ड परीक्षा के अंक।
- आंतरिक मूल्यांकन और प्रैक्टिकल के अंक पहले से अपलोड किए जा चुके हैं, इसलिए वे अपरिवर्तित रहेंगे।
स्कूलों को छात्रों के अंक 6 अप्रैल से 13 अप्रैल 2026 के बीच CBSE पोर्टल पर अपलोड करने होंगे। एक बार अपलोड होने के बाद अंकों में कोई बदलाव नहीं किया जा सकेगा।
CBSE परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज ने कहा कि यह व्यवस्था परिणामों को समय पर घोषित करने और अन्य छात्रों के साथ समानता बनाए रखने के लिए की गई है। बोर्ड ने जोर दिया कि यह तरीका “निष्पक्ष, विश्वसनीय और पारदर्शी” होगा।
नोट: जो छात्र सभी विषयों की परीक्षा दे चुके हैं या अन्य देश (भारत सहित) में शिफ्ट होकर परीक्षा दे चुके हैं, उनके परिणाम वास्तविक परीक्षा अंकों के आधार पर ही घोषित किए जाएंगे।
यह फैसला ईरान-अमेरिका संघर्ष के कारण परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा और लॉजिस्टिकल समस्याओं के चलते लिया गया है।