ईरान-अमेरिका युद्ध और मिडिल ईस्ट में बढ़ते संकट ने दुनिया के सबसे अमीर लोगों (सुपर रिच) को दुबई- अबू धाबी जैसे गल्फ हब्स से दूर कर हांगकांग की ओर मोड़ दिया है। हांगकांग सरकार अब इस मौके का फायदा उठाते हुए शहर को फिर से आकर्षक वित्तीय केंद्र बनाने की कोशिश कर रही है।
लंदन स्थित फैमिली ऑफिस GACS Ltd. के CEO अनमोल गोयल ने बताया कि उनका दुबई में नया ऑफिस खोलने का पूरा प्लान तैयार था, लेकिन युद्ध शुरू होते ही उन्होंने हांगकांग का रुख किया। उन्होंने कहा, “हम होल्डिंग कंपनी, बैंकिंग एसेट्स और प्रॉपर्टी खरीदने की तैयारी कर रहे थे। अब यह युद्ध हमें हांगकांग लाया है।”
XinXi Asset Management के CEO जोएल टैन ने बताया कि उनकी कंपनी कम से कम सात क्लाइंट्स के $100 मिलियन से ज्यादा एसेट्स दुबई से हांगकांग शिफ्ट कर रही है। इस हफ्ते अकेले छह चाइनीज क्लाइंट्स ने मिडिल ईस्ट की प्रॉपर्टी बेचने की पूछताछ की। कंपनी ने दुबई में ब्रांच खोलने का प्लान भी रद्द कर दिया।
हांगकांग के आकर्षण:
- कम टैक्स
- बड़ा टैलेंट पूल
- तेजी से बढ़ता इक्विटी मार्केट
- फैमिली ऑफिसेस में 25% की बढ़ोतरी (2023 के अंत तक 3,384 फैमिली ऑफिसेस, प्रत्येक कम से कम $10 मिलियन मैनेज करते हैं)
हांगकांग सरकार फैमिली ऑफिस और फंड्स के लिए और ज्यादा एसेट क्लासेस पर टैक्स छूट बढ़ाने की योजना बना रही है। शहर में इस हफ्ते कई वेल्थ समिट हुए, जिनमें मिडिल ईस्ट से ज्यादा मेहमान पहुंचे।
अन्य विकल्प: कुछ अमीर लोग ज्यूरिख, सिंगापुर और मुंबई को बैकअप के रूप में देख रहे हैं। सिंगापुर भी फायदा उठा सकता है, लेकिन कुछ सुपर रिच वहां की सख्त नियमों (हुक्का-वेप बैन, स्पीडिंग पर सख्ती) से परेशान हैं।
विशेषज्ञों की राय: हांगकांग फाइनेंशियल सेक्रेटरी पॉल चान ने कहा कि “मार्केट का विश्वास और भरोसा सबसे महत्वपूर्ण है।” एक बिलियनेयर ने कहा कि कोविड के बाद हांगकांग में कुछ विश्वास वापस लौटा है।
युद्ध लंबा खिंचने पर हांगकांग और सिंगापुर दोनों को फायदा हो सकता है, लेकिन यूरोपीय अमीरों के लिए दूरी एक बड़ी चुनौती है।