दिल्ली सरकार के यमुना सफाई अभियान के तहत दो लग्जरी VIP-VVIP बोट्स खरीदने का विवादित प्लान अब रद्द कर दिया गया है। प्रत्येक बोट की अनुमानित कीमत ₹3.10 करोड़ (कुल ₹6.2 करोड़) थी। इन बोट्स में वीगन लेदर की बिजनेस क्लास पुश-बैक सीट्स, एयर-कंडीशंड केबिन, रूफटॉप मरीन AC, छिपी हुई LED लाइट्स, एम्बिएंट लाइटिंग, वुडन फिनिश हैंड रेस्ट, समर्पित पैंट्री और ओपन रियर डेक पर सोफा शामिल थे।
बोट्स की खासियतें:
- क्षमता: 16-20 लोगों के लिए
- इंजन: 300 HP फोर-स्ट्रोक
- लंबाई: 13 मीटर, चौड़ाई: 4.3 मीटर
- फ्यूल टैंक: 700-1000 लीटर, फ्रेश वॉटर: 400 लीटर
- उद्देश्य: वीआईपी/वीवीआईपी निरीक्षण, बाथिमेट्रिक सर्वे, बचाव कार्य, मानसून मॉनिटरिंग और त्योहारों (जैसे छठ) के दौरान निगरानी
विवाद और कार्रवाई: 18 मार्च को रिपोर्ट सामने आने के बाद विपक्ष (AAP और कांग्रेस) ने इसे “जनता के पैसे की बर्बादी” और “VIP भोग-विलास” बताया। आरोप लगा कि यमुना जहरीले फोम से भरी हुई है, लेकिन सरकार लग्जरी बोट्स पर खर्च कर रही है।
इसके बाद सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण (I&FC) मंत्री परवेश वर्मा ने तुरंत जांच के आदेश दिए। टेंडर रद्द कर दिया गया और दो अधिकारियों (एक्जीक्यूटिव इंजीनियर और असिस्टेंट इंजीनियर) को सस्पेंड कर दिया गया।
सरकार ने अब साफ निर्देश दिया है कि भविष्य में बोट्स केवल जरूरी कार्यों के लिए ही खरीदी जाएंगी।
राजनीतिक प्रतिक्रिया: विपक्ष ने इसे “PR स्टंट” बताया, जबकि BJP ने कहा कि प्लान को तुरंत रद्द कर सही कदम उठाया गया।