चेन्नई के प्रसिद्ध फिटनेस कोच और ट्रेनर, जिनके पास 18 वर्षों का अनुभव है, ने जीवन की व्यस्तता, तनाव और चुनौतियों के बीच फिटनेस रूटीन को बनाए रखने के लिए 3 प्रभावी रणनीतियां साझा की हैं। उन्होंने Hindustan Times से बातचीत में बताया कि ज्यादातर लोग शुरुआत तो अच्छी करते हैं, लेकिन जीवन की अनिश्चितताओं (जैसे काम का प्रेशर, परिवार की जिम्मेदारियां, बीमारी या मानसिक थकान) के कारण consistency खो देते हैं।
कोच द्वारा सुझाई गई 3 मुख्य रणनीतियां:
- छोटे लेकिन नियमित लक्ष्य बनाएं (Micro-Consistency over Perfection)
- रोजाना 30-45 मिनट का वर्कआउट या सिर्फ 10 मिनट का वॉक भी काफी है।
- “परफेक्ट” दिन की बजाय “कंसिस्टेंट” दिन पर फोकस करें।
- उदाहरण: अगर जिम नहीं जा पाए तो घर पर 10 पुश-अप्स, 20 स्क्वाट्स और 2 मिनट प्लैंक कर लें – यह आदत बनाए रखेगा।
- लाइफस्टाइल में फिटनेस को इंटीग्रेट करें, अलग से न सोचें
- वर्कआउट को “टास्क” न मानें, बल्कि दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं।
- सुबह उठते ही 5 मिनट स्ट्रेचिंग, लिफ्ट की बजाय सीढ़ियां, मीटिंग के दौरान स्टैंडिंग डेस्क या वॉकिंग मीटिंग्स अपनाएं।
- परिवार या दोस्तों के साथ वॉक/साइकिलिंग को सोशल एक्टिविटी बनाएं।
- मानसिक तैयारी और सेल्फ-कॉम्पैशन (Mindset & Grace)
- मिस्ड डे पर खुद को दोष न दें, बल्कि अगले दिन फिर शुरू करें।
- “प्रोग्रेस, नॉट परफेक्शन” का मंत्र अपनाएं।
- ट्रैकिंग ऐप या जर्नल का इस्तेमाल करें – छोटी-छोटी जीतें नोट करें।
- तनाव के समय में योग, मेडिटेशन या 5 मिनट ब्रिदिंग एक्सरसाइज को शामिल करें।
कोच ने जोर दिया कि consistency 100% परफॉर्मेंस से नहीं, बल्कि 70-80% दिनों में भी सक्रिय रहने से आती है। उन्होंने कहा, “फिटनेस एक मैराथन है, स्प्रिंट नहीं। जीवन में उतार-चढ़ाव आएंगे, लेकिन छोटे-छोटे कदम आपको लंबे समय तक फिट रखेंगे।”
यह सलाह उन लोगों के लिए खासतौर पर उपयोगी है जो काम, परिवार और स्वास्थ्य को बैलेंस करने की कोशिश कर रहे हैं।