Gemini said
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1️⃣ 📰 Title / Headline इतिहास में पहली बार 93 के पार पहुंचा रुपया: ईरान युद्ध और कच्चे तेल की कीमतों ने तोड़ी भारतीय करेंसी की कमर
2️⃣ 📝 Short News (Article)
डॉलर के मुकाबले रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर फिसला; विदेशी निवेशकों की बिकवाली से अर्थव्यवस्था पर बढ़ा दबाव
शुक्रवार, 20 मार्च 2026 को भारतीय मुद्रा (INR) ने गिरावट का एक नया ऐतिहासिक स्तर छू लिया है। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया पहली बार 93 के स्तर को पार कर 93.08 प्रति डॉलर पर पहुंच गया। ईरान-इजरायल युद्ध के कारण वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी और सुरक्षित निवेश के रूप में डॉलर की बढ़ती मांग ने रुपये को कमजोर कर दिया है। पिछले कारोबारी सत्र (बुधवार) में रुपया 92.89 पर बंद हुआ था, जिससे आज इसमें 19 पैसे की और गिरावट दर्ज की गई।
गिरावट के मुख्य कारण और प्रभाव:
- पश्चिम एशिया में तनाव: ईरान और इजरायल के बीच जारी सैन्य संघर्ष ने वैश्विक सप्लाई चेन और ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता पैदा कर दी है, जिसका सीधा असर उभरते बाजारों की करेंसी पर पड़ा है।
- विदेशी निवेशकों का पलायन: विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) द्वारा भारतीय शेयर बाजार से लगातार पैसा निकालने (लगभग ₹7,558 करोड़ की शुद्ध बिकवाली) से डॉलर की मांग बढ़ गई है।
- RBI का हस्तक्षेप: बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) डॉलर बेचकर रुपये को और अधिक गिरने से बचाने की कोशिश कर रहा है, फिर भी डॉलर इंडेक्स की मजबूती के आगे रुपया संघर्ष कर रहा है।
- महंगाई का खतरा: रुपये के कमजोर होने और कच्चे तेल के महंगा होने से भारत के आयात बिल में बढ़ोतरी होगी, जिससे आने वाले समय में पेट्रोल-डीजल और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतें बढ़ सकती हैं।