ईरान में जारी युद्ध और वैश्विक बाजारों में बढ़ती अस्थिरता के कारण फिनटेक कंपनी PhonePe ने भारत में अपने बहुप्रतीक्षित आईपीओ (IPO) को फिलहाल स्थगित कर दिया है। कंपनी ने कहा है कि मौजूदा परिस्थितियों में निवेशकों की भावना और शेयर बाजार की स्थिति को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
PhonePe के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) समीर निगम ने कहा कि कंपनी भारत में सार्वजनिक लिस्टिंग के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि पश्चिम एशिया में जल्द शांति बहाल होगी, जिससे वैश्विक बाजारों में स्थिरता लौट सकेगी।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, वॉलमार्ट इंक. के नियंत्रण वाली इस फिनटेक कंपनी का लक्ष्य आईपीओ के माध्यम से लगभग 9 अरब से 10.5 अरब डॉलर का मूल्यांकन प्राप्त करना था। हालांकि यह मूल्यांकन वर्ष 2023 में कंपनी द्वारा 100 मिलियन डॉलर जुटाने के समय प्राप्त लगभग 12 अरब डॉलर के मूल्यांकन से कम था।
भारतीय बाजार नियामक के पास दाखिल ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) के अनुसार, वॉलमार्ट PhonePe के आईपीओ में लगभग 12 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने की योजना बना रहा था। इसके जरिए निवेशक टाइगर ग्लोबल और माइक्रोसॉफ्ट कॉर्प को अपनी हिस्सेदारी का कुछ भाग बेचकर बाहर निकलने का अवसर मिलता। दोनों निवेशक मिलकर लगभग 50.7 मिलियन शेयर बेचने वाले थे, जबकि इस आईपीओ में कोई नए शेयर जारी नहीं किए जाने थे।
विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान युद्ध के कारण वैश्विक वित्तीय बाजारों में बढ़ती अनिश्चितता का असर भारत के शेयर बाजार पर भी पड़ा है। इसी कारण आईपीओ बाजार में भी सुस्ती देखने को मिल रही है।
आंकड़ों के अनुसार, चालू तिमाही में भारतीय कंपनियों ने प्राथमिक सार्वजनिक पेशकशों के माध्यम से लगभग 1.5 अरब डॉलर जुटाए हैं, जबकि पिछले वर्ष की इसी अवधि में यह आंकड़ा लगभग 2.3 अरब डॉलर था। यह गिरावट संकेत देती है कि हाल के वर्षों में तेजी से बढ़ने वाले भारत के आईपीओ बाजार में फिलहाल मंदी का दौर आ सकता है।
विश्लेषकों के अनुसार आर्थिक अनिश्चितता, विदेशी पूंजी का लगातार बहिर्वाह और कमजोर होता भारतीय रुपया जैसे कारक भी बाजार की स्थिति को प्रभावित कर रहे हैं। ऐसे में कई कंपनियां अपनी सार्वजनिक पेशकश की योजनाओं को फिलहाल टालने पर विचार कर रही हैं।