अमेरिका-ईरान संघर्ष के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरते हुए लाइबेरिया ध्वज वाला तेल टैंकर ‘शेनलॉन्ग स्वेजमैक्स’ सुरक्षित रूप से भारत पहुंच गया। सऊदी अरब से करीब 1,35,335 मीट्रिक टन कच्चा तेल लेकर यह जहाज 11 मार्च को मुंबई के बुचर आइलैंड टर्मिनल पहुंचा।
रिपोर्ट के अनुसार, 28 फरवरी को संघर्ष शुरू होने के बाद यह पहला जहाज है जिसने युद्धग्रस्त होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर भारत तक तेल पहुंचाया।
यात्रा के दौरान जहाज को बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा। जलडमरूमध्य के पास पहुंचते ही जीपीएस और अन्य इलेक्ट्रॉनिक नेविगेशन सिस्टम बंद हो गए। बताया गया कि जहाज जीपीएस जैमिंग और स्पूफिंग का शिकार हुआ, जिससे आधुनिक नेविगेशन बेकार हो गया।
ऐसी स्थिति में कप्तान सुखांत सिंह संधू और उनकी टीम ने पारंपरिक समुद्री कौशल और मैन्युअल नेविगेशन के सहारे जहाज को सुरक्षित भारत तक पहुंचाया। 29 सदस्यीय दल में भारत, पाकिस्तान और फिलीपींस के नाविक शामिल थे।
हालांकि जहाज सुरक्षित पहुंच गया है, लेकिन पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण समुद्री सुरक्षा और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता बनी हुई है। फारस की खाड़ी क्षेत्र में फिलहाल 28 भारतीय जहाज और 778 भारतीय नाविक मौजूद हैं, जिन पर सरकार लगातार नजर रख रही है।