चीन से होने वाली सस्ती आयात को नियंत्रित करने के लिए भारत सरकार ने कोल्ड रोल्ड नॉन-इलेक्ट्रिकल स्टील के आयात पर अगले पांच वर्षों के लिए एंटी-डंपिंग ड्यूटी लगाने का निर्णय लिया है। वित्त मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार, चीन के कम कीमत वाले माल के कारण देश के घरेलू उत्पादकों को नुकसान हो रहा था, जिसे जांच में सही पाया गया। इस ड्यूटी की दर प्रति टन 223.80 डॉलर से लेकर 414.90 डॉलर तक तय की गई है।
डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ ट्रेड रेमेडीज (DGTR) की सिफारिशों के आधार पर सरकार ने यह अधिसूचना जारी की है। कोल्ड रोल्ड नॉन-इलेक्ट्रिकल स्टील का उपयोग मुख्य रूप से इलेक्ट्रिक मोटर्स, ट्रांसफॉर्मर्स और जनरेटर के निर्माण में किया जाता है। जांच में DGTR ने पाया कि चीन से आयातित यह स्टील घरेलू उत्पादों की तुलना में काफी कम कीमत पर डंप किया जा रहा था, जिससे भारतीय उत्पादकों को आर्थिक नुकसान हो रहा था।
देश के स्टील उद्योग को संरक्षण देने के लिए सरकार ने पिछले महीने वियतनाम से आयात होने वाले हॉट रोल्ड फ्लैट स्टील पर भी एंटी-डंपिंग ड्यूटी लगाई थी, जिसकी दर प्रति टन 121.55 डॉलर तय की गई है। चीन से स्टील समेत विभिन्न उत्पादों की बढ़ती आयात के चलते चालू वर्ष के अंत तक भारत का चीन के साथ व्यापार घाटा बढ़कर अनुमानित 106 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है।