त्योहारी सीजन समाप्त होने के बाद भी नवंबर महीने में देश के ऑटोमोबाइल उद्योग में मांग मजबूत बनी रही है। वाहन निर्माताओं से डीलरों तक यात्री वाहनों और दोपहिया वाहनों की होलसेल डिलीवरी के आंकड़े नई ऊंचाई पर पहुंचे हैं। उच्च होलसेल डिलीवरी यह दर्शाती है कि त्योहारों के बाद भी उपभोक्ताओं की खरीदारी की गति बनी हुई है। सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) के अनुसार, नवंबर में यात्री वाहनों और दोपहिया वाहनों दोनों श्रेणियों में दो अंकों की वृद्धि दर्ज की गई है। उपभोक्ता भावना में सुधार और जीएसटी में की गई कटौती ने इस वृद्धि को समर्थन दिया है।
नवंबर महीने में यात्री वाहनों की होलसेल डिलीवरी सालाना आधार पर 18.70 प्रतिशत बढ़कर 4,12,405 इकाई पर पहुंच गई, जबकि पिछले वर्ष इसी महीने यह आंकड़ा 3,47,522 इकाई था। किसी भी वर्ष के नवंबर महीने के लिए यह अब तक का सबसे ऊंचा आंकड़ा है। इसी तरह स्कूटर, मोटरसाइकिल और मोपेड सहित दोपहिया वाहनों की होलसेल डिलीवरी भी 21.20 प्रतिशत बढ़कर 19,44,475 इकाई रही, जबकि पिछले वर्ष नवंबर में यह 16,04,749 इकाई थी।
त्योहारों के बाद भी मांग बने रहने के पीछे जीएसटी में कटौती और उपभोक्ता विश्वास में सुधार मुख्य कारण हैं, ऐसा SIAM के डायरेक्टर जनरल राजेश मेनन ने बताया। थ्री-व्हीलर सेगमेंट में भी सकारात्मक रुझान देखने को मिला। नवंबर में थ्री-व्हीलर की होलसेल डिलीवरी 21.30 प्रतिशत बढ़कर 71,999 इकाई रही। हालांकि, ई-रिक्शा सेगमेंट में कुछ कमजोरी देखने को मिली, जहां डिलीवरी 25 प्रतिशत घटकर 1,136 इकाई रह गई। उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि जीएसटी में कटौती, उपभोक्ता भावना में सुधार और अनुकूल वित्तीय परिस्थितियों के कारण 2026 में भी ऑटो उद्योग की बिक्री में वृद्धि जारी रह सकती है।