सोने और चांदी की कीमतों में तेज उछाल के बीच सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) में निवेश करने वालों के लिए अप्रत्याशित जैकपॉट सामने आया है। वर्ष 2019 में जारी सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में निवेश करने वाले निवेशकों को छह वर्षों की अवधि में 330 प्रतिशत से अधिक का बंपर रिटर्न मिला है, जिसने पारंपरिक सुरक्षित निवेश की धारणा को पूरी तरह बदल दिया है। भारतीय रिजर्व बैंक ने 11 दिसंबर 2025 को इन सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की रिडेम्प्शन कीमत 12,801 रुपये प्रति यूनिट तय की है।
वर्ष 2019 में ऑफलाइन माध्यम से प्रति ग्राम 2,952 रुपये और ऑनलाइन माध्यम से 2,902 रुपये की कीमत पर खरीदे गए इन बॉन्ड के मुकाबले आज की रिडेम्प्शन कीमत निवेशकों को लगभग 333 प्रतिशत का रिटर्न देती है। यह रिटर्न केवल सोने की कीमत में बढ़ोतरी पर आधारित है, जिसमें वार्षिक ब्याज शामिल नहीं है। यह सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड 11 जून 2019 को जारी किया गया था। 8, 9 और 10 दिसंबर 2025 के सोने के औसत भाव के आधार पर आरबीआई ने रिडेम्प्शन दर तय की है।
जिन निवेशकों ने रिडेम्प्शन के लिए आवेदन किया है, उन्हें इसी दर पर भुगतान मिलेगा, जबकि अन्य निवेशक अगली रिडेम्प्शन विंडो तक इंतजार कर सकते हैं या स्टॉक एक्सचेंज पर बॉन्ड बेच सकते हैं। नियमों के अनुसार, सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड जारी होने की तारीख से पांच साल बाद निर्धारित ब्याज तिथियों पर ही रिडीम किए जा सकते हैं। वैश्विक स्तर पर सोने की कीमतों में तेजी, केंद्रीय बैंकों की खरीद और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के कारण सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड निवेशकों के लिए अत्यधिक लाभदायक साबित हुए हैं, ऐसा बाजार विशेषज्ञों का मानना है।