देश का निर्यात अक्टूबर महीने में 11.8% गिरकर 34.38 अरब डॉलर पर पहुँच गया है, जबकि आयात में 16.63% की उछाल के साथ कुल आयात 76.06 अरब डॉलर तक पहुँच गया है। इस उतार–चढ़ाव के सीधे प्रभाव के रूप में देश का व्यापार घाटा (ट्रेड डेफ़िसिट) बढ़कर 41.68 अरब डॉलर हो गया है। सितंबर महीने में भी व्यापार घाटा 31.15 अरब डॉलर तक बढ़ा था। वाणिज्य मंत्रालय ने सोमवार को ये आंकड़े जारी किए।
कुल आयात में हुई वृद्धि के पीछे मुख्य रूप से सोना, चांदी, तांबा, खाद और सल्फर जैसी वस्तुओं के आयात में बढ़ोतरी जिम्मेदार रही। विशेष रूप से, सोने का आयात अक्टूबर में डेढ़ गुने से भी अधिक बढ़ा। सोने का आयात 199.2% की तेज़ वृद्धि के साथ 14.72 अरब डॉलर पर पहुँच गया, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह केवल 4.92 अरब डॉलर था। चांदी का आयात 528.71% की रिकॉर्ड वृद्धि के साथ 2.71 अरब डॉलर हो गया है। कच्चे तेल का आयात घटकर 14.8 अरब डॉलर रह गया, जबकि पिछले वर्ष यह 18.9 अरब डॉलर था।
अमेरिका के लिए निर्यात में भी गिरावट देखी गई। अक्टूबर में अमेरिका के लिए निर्यात 6.3 अरब डॉलर रहा, जो पिछले वर्ष 6.9 अरब डॉलर था। वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने बताया कि अक्टूबर में माल निर्यात में इस वर्ष पहली बार 4 अरब डॉलर की गिरावट हुई है, जिसमें मुख्य कारण अमेरिका के लिए निर्यात में कमी रहा है।
यदि सेवाओं के क्षेत्र पर नजर डालें, तो अक्टूबर में सेवाओं का निर्यात बढ़कर 38.52 अरब डॉलर हो गया है, जो पिछले वर्ष 34.41 अरब डॉलर था। सेवाओं का आयात भी बढ़कर 18.64 अरब डॉलर हो गया है, जबकि पिछले वर्ष यह 17.23 अरब डॉलर था।
अप्रैल से अक्टूबर तक के सात महीनों के आंकड़े दिखाते हैं कि इस अवधि में माल निर्यात मामूली 0.63% बढ़कर 254.25 अरब डॉलर हुआ है। जबकि आयात में 6.37% वृद्धि दर्ज की गई है और कुल आयात 451.08 अरब डॉलर हो गया है। इस दौरान देश का माल व्यापार घाटा बढ़कर 196.82 अरब डॉलर हो गया, जो एक वर्ष पहले इसी अवधि में 171.40 अरब डॉलर था।