रूस से कच्चे तेल की खरीद पर अमेरिका के बढ़ते दबाव का असर अब स्पष्ट दिखाई देने लगा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, रूस का कच्चा तेल लेकर भारत आ रहा एक टैंकर बाल्टिक सागर में बीच रास्ते से ही यू-टर्न लेकर लौट गया है। माना जा रहा है कि यह कदम रूस पर लगे अमेरिकी प्रतिबंधों के पालन के तहत उठाया गया है। रूस की सरकारी तेल कंपनी ‘रोज़नेफ्ट’, जिस पर अमेरिका ने हाल ही में प्रतिबंध लगाए हैं, उसी का कच्चा तेल यह टैंकर भारत लेकर आ रहा था। इसके अलावा रूस की दूसरी कंपनी ‘लुकऑयल’ पर भी प्रतिबंध लगाए गए हैं। यह जहाज गुजरात के सिका बंदरगाह के लिए निर्धारित था, जिसका उपयोग रिलायंस इंडस्ट्रीज और बीपीसीएल दोनों करते हैं।
जहाजों की आवाजाही पर नज़र रखने वाले प्लेटफ़ॉर्म कैपलर और वॉर्टेक्सा की रिपोर्ट के अनुसार, यह टैंकर नवंबर के मध्य तक सिका पहुंचने वाला था, लेकिन मार्ग बदलने से आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है। विश्लेषकों का मानना है कि पश्चिमी देशों द्वारा रूस पर बढ़ते प्रतिबंधों के चलते भारत को मिलने वाली सस्ती तेल आपूर्ति अब लगभग समाप्त हो सकती है। अमेरिकी प्रतिबंधों के अनुरूप कार्रवाई किए जाने का आश्वासन रिलायंस इंडस्ट्रीज की ओर से भी दिया गया है। भारतीय तेल रिफ़ाइनरियां वर्तमान प्रतिबंधों के चलते रूस से कच्चे तेल की खरीद को लेकर झिझक दिखा रही हैं। रूस और भारत के बीच ऊर्जा व्यापार में यह एक बड़ा मोड़ माना जा रहा है।