सितंबर 2025 में भारत के व्यापार घाटे में उल्लेखनीय वृद्धि की उम्मीद है। यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, देश का व्यापार घाटा 28.0 बिलियन डॉलर (लगभग ₹2.48 लाख करोड़) तक पहुँच सकता है, जो अगस्त में 26.5 बिलियन डॉलर (₹2.35 लाख करोड़) था।
इस वृद्धि का मुख्य कारण सोने का आयात है। कीमतें बढ़ने के बावजूद सितंबर में सोने का आयात अगस्त की तुलना में लगभग दोगुना होने की संभावना है। त्योहार और शादी के सीजन के कारण सोने की मांग में तेजी देखी गई है।
इसके साथ ही, निर्यात क्षेत्र में धीमी वृद्धि ने भी घाटे को बढ़ाने में योगदान दिया है। वैश्विक मांग में कमी और अमेरिका के साथ व्यापार समझौते में देरी ने निर्यात पर नकारात्मक प्रभाव डाला है। वर्तमान में अमेरिका भारत के कुल निर्यात का लगभग 20% हिस्सा है, इसलिए द्विपक्षीय व्यापार में मंदी सीधे भारतीय निर्यात को प्रभावित कर रही है।
वाणिज्य और विदेश मंत्री ने कहा कि अमेरिका के साथ पहले चरण के व्यापार समझौते के लिए वार्ता जारी है, जो नवंबर 2025 तक चल सकती है। यदि यह समझौता सफल होता है, तो टैरिफ में कटौती से भारत के निर्यात में सुधार होने की संभावना है।