अमेरिका द्वारा चीन के माल पर 100% टैरिफ लगाने के निर्णय के बाद, ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इंस्टिट्यूट (GTRI) ने भारत को अमेरिका के साथ द्विपक्षीय व्यापार वार्ता में सावधानीपूर्वक आगे बढ़ने की सलाह दी है। रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि अमेरिका पर अधिक निर्भर रहने के बजाय भारत को आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रयास तेज करने की आवश्यकता है।
रिपोर्ट के अनुसार, चीन और अमेरिका के बीच टैरिफ से संबंधित वर्तमान गतिविधियाँ अत्यंत आक्रामक हैं। ऐसी स्थिति में भारत को वार्ता में समान शर्तों और हितों को प्राथमिकता देनी चाहिए। साथ ही, अमेरिका के साथ किसी भी समझौते को अंतिम मान लेना उचित नहीं होगा, क्योंकि उसकी नीतियाँ बार-बार बदलती रहती हैं।
भविष्य में वैश्विक व्यापार के झटकों से बचाव के लिए भारत को महत्वपूर्ण तकनीक और खनिज क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता बढ़ानी आवश्यक है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि पश्चिमी देशों और ब्रिक्स गठबंधन दोनों के साथ तटस्थ और संतुलित संबंध बनाए रखना भारत के लिए रणनीतिक रूप से लाभकारी रहेगा। अमेरिका-चीन के बीच व्यापार तनाव बढ़ने से इलेक्ट्रिक वाहनों, विंड टरबाइन और सेमीकंडक्टर पार्ट्स जैसी प्रमुख उत्पादों की कीमतें बढ़ सकती हैं।