भारत में गोल्ड ETF स्कीमों में निवेशकों का उत्साह लगातार बढ़ता जा रहा है। सितंबर 2025 में गोल्ड लिंक्ड फंड्स में रिकॉर्ड 902 मिलियन डॉलर (लगभग ₹7,600 करोड़) का इनफ्लो दर्ज किया गया है। अगस्त की तुलना में यह वृद्धि लगभग 285% रही। इसके साथ ही लगातार चौथे महीने इनफ्लो बढ़ने का रुझान दर्ज हुआ है, जो एशिया में अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड है। पूरे एशिया में सितंबर के दौरान गोल्ड ETF में 2.1 अरब डॉलर (लगभग ₹17,700 करोड़) का निवेश हुआ, जिसमें भारत पहले स्थान पर रहा।
चीन में 622 मिलियन डॉलर (₹5,200 करोड़) और जापान में 415 मिलियन डॉलर (₹3,500 करोड़) का इनफ्लो देखा गया। वैश्विक स्तर पर जर्मनी 811 मिलियन डॉलर (₹6,800 करोड़) के इनफ्लो के साथ शीर्ष पर रहा, जबकि कनाडा, इटली, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण कोरिया जैसे देशों में भी उल्लेखनीय निवेश हुआ। भारत में जनवरी से सितंबर 2025 के बीच कुल 2.18 अरब डॉलर (₹18,094 करोड़) के इनफ्लो के साथ अब तक का सर्वाधिक रिकॉर्ड दर्ज किया गया है।
पिछले वर्षों की तुलना में यह वृद्धि उल्लेखनीय है। 2024 में ₹10,707 करोड़, 2023 में ₹2,573 करोड़ और 2022 में मात्र ₹274 करोड़ का इनफ्लो हुआ था। विश्लेषकों का कहना है कि निवेशक अब पारंपरिक सोने की खरीद के बजाय डिजिटल रूप में, यानी ETF के माध्यम से, अधिक निवेश कर रहे हैं। बाजार में सोने की कीमतों में दीर्घकालिक तेजी और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के बीच गोल्ड ETF को सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में देखा जा रहा है।