अगस्त में देश का औद्योगिक उत्पादन (IIP) 4% बढ़ा है। खनन क्षेत्र के अच्छे प्रदर्शन ने कुल वृद्धि को सहारा दिया। जुलाई का आंकड़ा भी संशोधित कर 4.3% किया गया, जो पहले 3.5% था। खनन क्षेत्र में 6% की वृद्धि दर्ज हुई जबकि पिछले साल इसी अवधि में 4.3% की गिरावट आई थी। विनिर्माण क्षेत्र में 3.8% की वृद्धि रही जो पिछले साल 1.2% थी। बिजली उत्पादन भी 4.1% बढ़ा, जबकि पिछले साल इसी अवधि में 3.7% घटा था। कोयले का उत्पादन 11.4%, स्टील 14.2%, सीमेंट 6.1% और उर्वरक 4.6% बढ़े। वहीं, कच्चे तेल में 1.2% और प्राकृतिक गैस में 2.2% की गिरावट दर्ज हुई।
विनिर्माण में 23 में से 10 उद्योग समूहों ने सकारात्मक वृद्धि दिखाई। इनमें बेसिक मेटल्स (12.2%), पेट्रोलियम उत्पाद (5.4%) और मोटर वाहन (9.8%) शीर्ष पर रहे। इक्रा की चीफ इकॉनमिस्ट अदिति नायर ने कहा कि भले ही विनिर्माण में थोड़ी सुस्ती आई है, लेकिन खनन और बिजली क्षेत्र ने सुधार दिखाया है। उपयोग-आधारित वर्गीकरण के अनुसार, प्राथमिक वस्तुओं में 5.2%, बुनियादी ढांचा/निर्माण वस्तुओं में 6.3%, इंटरमीडिएट गुड्स में 5% और निर्माण वस्तुओं में 10.6% की वृद्धि दर्ज की गई। उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुएँ 3.5% और गैर-टिकाऊ वस्तुएँ 6.3% बढ़ीं। अप्रैल से अगस्त तक कुल IIP वृद्धि 2.8% रही, जो पिछले साल इसी अवधि में 4.3% थी।