भारत और यूरोपीय फ्री ट्रेड एसोसिएशन (EFTA) के बीच हुआ बहुप्रतीक्षित व्यापार समझौता आखिरकार 1 अक्टूबर से लागू हो जाएगा। मार्च 2024 में हस्ताक्षरित इस समझौते में आइसलैंड, स्विट्जरलैंड, नॉर्वे और लिक्टेंस्टाइन शामिल हैं। इस समझौते के तहत भारत ने 80–85% वस्तुओं पर आयात शुल्क कम करने का निर्णय लिया है, जबकि बदले में भारत को 99% उत्पादों पर शुल्क-मुक्त प्रवेश मिलेगा।
कृषि और डेयरी उत्पादों को इसमें शामिल नहीं किया गया है ताकि किसानों के हित सुरक्षित रहें। अनुमान है कि अगले 10 वर्षों में इन देशों से भारत में लगभग 50 अरब डॉलर का निवेश होगा, जिससे करीब 10 लाख प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि यह समझौता भारत की निर्यात संभावनाओं को मजबूत करेगा और यूरोपीय बाजारों के साथ आर्थिक एकीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।