यूएस फेडरल रिज़र्व ने लंबे समय से प्रतीक्षित निर्णय लेते हुए ब्याज दरों में 25 बेसिस पॉइंट यानी 0.25% की कटौती की है। इस कटौती के बाद अब अमेरिका की पॉलिसी रेट 4 से 4.25% की रेंज में आ गई है, जबकि पहले यह 4.25 से 4.50% के बीच थी। इस प्रकार वर्ष 2025 में पहली बार फेड ने ब्याज दर घटाई है। डोनाल्ड ट्रम्प के राष्ट्रपति बनने के बाद, उनकी लगातार आलोचना और दरों में कटौती की मांग के दबाव के बीच यह कदम उठाया गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि फेड के इस फैसले का असर एशियाई बाज़ारों और भारतीय शेयर बाज़ार पर देखने को मिल सकता है। फेडरल ओपन मार्केट कमेटी की दो दिन की बैठक के बाद चेयरमैन जेरोम पॉवेल ने कहा कि अमेरिकी आर्थिक गतिविधि धीमी हो रही है, रोज़गार वृद्धि पर दबाव है और महंगाई का स्तर ऊँचा है। इन परिस्थितियों को देखते हुए दरें घटाने का निर्णय लिया गया है। साथ ही, फेड ने संकेत दिया कि वर्ष के अंत तक दरों में और कटौती हो सकती है। इससे ट्रम्प सरकार द्वारा लगाए गए टैरिफ से उत्पन्न महंगाई के दबाव को नियंत्रित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।