2025 की सर्दियों का अलर्ट: इस साल ला नीना के कारण भारत में कड़ाके की ठंड पड़ेगी। इस साल के अंत तक ला नीना की स्थिति बन सकती है। मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि ला नीना पूरी दुनिया के मौसम को प्रभावित करेगा।
मौसम अपडेट: देश से मानसून की विदाई का सिलसिला शुरू हो गया है। पश्चिमी राजस्थान से मानसून विदा हो रहा है। इस बार मानसून की विदाई की प्रक्रिया तीन दिन पहले शुरू हो गई है। लेकिन मानसून अभी गया नहीं है, और उससे पहले कड़ाके की ठंड पड़ने का अनुमान लगाया गया है।
इस वर्ष मानसून
24 मई को केरल पहुंचा, जो 2009 के बाद से भारत में इसका सबसे पहले आगमन है। 2009 में मानसून 23 मई को केरल पहुंचा था। अब तक देश में मानसून सीजन के दौरान 836.2 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य बारिश 778.6 मिमी से सात प्रतिशत अधिक है।
वातावरण में बड़ा बदलाव आ रहा है
। देशभर में मौसम बदलने लगा है। बारिश का मौसम भी खत्म होता दिख रहा है। उत्तर भारत में पिछले कुछ दिनों से भारी बारिश नहीं हुई है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले एक हफ्ते तक मौसम में कोई खास बदलाव नहीं होगा। अगले 7 दिनों में जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान में बारिश का अनुमान नहीं है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश की संभावना है, तो क्या मानसून विदा हो जाएगा? इधर, उत्तर भारत में रात में हल्की ठंड पड़ने लगी है। मौसम विभाग के मुताबिक इस बार कड़ाके की ठंड पड़ सकती है। सर्दी का मौसम औसत से ज्यादा ठंडा रह सकता है।
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मानसून कब विदा होगा?
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कहा है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून 15 सितंबर के आसपास उत्तर-पश्चिम भारत से विदा होना शुरू हो सकता है। मानसून आमतौर पर 1 जून तक केरल में प्रवेश करता है और 8 जुलाई तक पूरे देश में फैल जाता है। यह 17 सितंबर के आसपास उत्तर-पश्चिम भारत से विदा होना शुरू करता है और 15 अक्टूबर तक पूरी तरह से विदा हो जाता है।
आईएमडी ने कहा, ‘पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से 15 सितंबर के आसपास दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियाँ अनुकूल होती जा रही हैं।’ इस साल मानसून अपनी सामान्य तिथि 8 जुलाई से नौ दिन पहले पूरे देश में पहुँच गया। 2020 के बाद पहली बार देश भर में मानसून की बारिश इतनी जल्दी शुरू हुई। 2020 में मानसून 26 जून तक पूरे देश में पहुँच गया था।
कड़ाके की ठंड के लिए तैयार हो जाइए!
पिछले कुछ सालों की तुलना में इस बार हमें कम गर्मी और लू का सामना करना पड़ा। हालांकि, अनुमान के मुताबिक बारिश ज्यादा हुई। अब ठंड भी तीखे पड़ने वाले हैं। मौसम विभाग के अनुसार, इस साल ‘ला नीना’ सक्रिय होने वाला है, जिसके चलते कड़ाके की ठंड पड़ने की उम्मीद है। अमेरिकी राष्ट्रीय मौसम सेवा के जलवायु पूर्वानुमान केंद्र (सीपीसी) ने 11 सितंबर को जारी अपने पूर्वानुमान में कहा कि अक्टूबर से दिसंबर 2025 के बीच ला नीना के सक्रिय होने की 71% संभावना है। इसके चलते भारत में सर्दी सामान्य से ज्यादा ठंडी हो सकती है।
आपको बता दें कि ला नीना एक प्राकृतिक मौसमी बदलाव है जो प्रशांत महासागर में होता है। यह बदलाव वहां समुद्र की सतह के तापमान से जुड़ा है। जब समुद्र का पानी सामान्य से ज्यादा ठंडा हो जाता है, तो इस स्थिति को ‘ला नीना’ कहा जाता है
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