नेपाल में बीते 30 घंटे के समय में सब कुछ बदल चुका है. युवाओं के प्रदर्शन के सामने प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति तक ने घुटने टेक दिए और इस्तीफा देने को मजबूर हुए. सोशल मीडिया बैन के ख़िलाफ़ युवाओं के आक्रोश से ज्यादातर शहरों में हिंसा हुई. प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति से लेकर गृहमंत्री के घर तक जला दिए.
नेपाल में बीते दिन से हिंसा, पथराव, आगजनी और तोड़फोड़ का दौर जारी है. सोशल मीडिया बैन के ख़िलाफ़ युवाओं के प्रदर्शन ने ओली सरकार को पूरी तरह से हिला दिया. प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली गृहमंत्री रमेश लेखक, कृषि मंत्री रामनाथ अधिकारी, स्वास्थ्य मंत्री समेत पांच मंत्री को इस्तीफा देना पड़ा है.
सोमवार को हुई हिंसक प्रदर्शन में सोमवार को 20 लोगों की मौत और 100 से ज्यादा घायल हो गए. आज (मंगलवार) को भी Gen-Z का प्रदर्शन सुबह से जारी है. राजधानी काठमांडू समेत कई इलाकों में आगजनी, तोड़फोड़ और पथराव की घटनाएं सामने आ रही हैं. राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल के निजी आवास पर प्रदर्शनकारियों ने कब्जा कर तोड़फोड़ की और आग लगा दी.
कर्फ्यू और सुरक्षा के सख्त इंतजामों के बावजूद विरोध प्रदर्शनों का दायरा बढ़ता जा रहा है और राजनीतिक संकट गहराता जा रहा है.
देश में वैकल्पिक सरकार और नए नेतृत्व की मांग उठ रही है. भारत ने अपने नागरिकों के लिए परामर्श जारी किया है. काठमांडू के हवाई अड्डे को बंद कर दिया गया है और पूरा शहर छावनी में तब्दील हो गया है.