बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के विशेष आमंत्रण पर रविवार को पटना से राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं। दिल्ली पहुंचने के बाद वे चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) विवाद और कथित चुनावी अनियमितताओं के खिलाफ ‘INDIA’ गठबंधन द्वारा आयोजित विरोध प्रदर्शनों और सुप्रीम कोर्ट तक निकाले जाने वाले मार्च में सक्रिय रूप से शामिल होंगे।
पटना एयरपोर्ट पर मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए तेजस्वी यादव ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में संवैधानिक संस्थाओं की स्वायत्तता को सुनियोजित तरीके से कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा की इस लड़ाई में विपक्ष एकजुट होकर सड़क से लेकर कानूनी मंच तक अपनी आवाज बुलंद करेगा।
मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और पारदर्शी सुधारों की मांग
विपक्ष का यह पूरा विरोध प्रदर्शन मुख्य रूप से मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और चुनावी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता की मांग को लेकर केंद्रित है। ‘INDIA’ गठबंधन के तमाम बड़े नेता और सांसद दिल्ली में एकत्र होकर चुनाव आयोग के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं। इससे पहले बिहार में भी राजद और गठबंधन के अन्य दलों द्वारा ‘आक्रोश मार्च’ निकाला जा चुका है। विपक्ष का आरोप है कि मतदान सूचियों में हेरफेर और प्रशासनिक तंत्र के दुरुपयोग के जरिए लोकतांत्रिक प्रणाली को प्रभावित किया जा रहा है।
दिल्ली में सुरक्षा के कड़े इंतजाम और सियासी पारा गर्म
विपक्ष के इस संभावित मार्च और जंतर-मंतर तथा सुप्रीम कोर्ट के आसपास के क्षेत्रों में होने वाले प्रदर्शनों को देखते हुए दिल्ली पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने राजधानी में भारी सुरक्षा बलों की तैनाती की है। एक ओर जहां विपक्षी दल इसे लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए जरूरी आंदोलन बता रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सत्ता पक्ष ने विपक्ष के इन बयानों और विरोध प्रदर्शनों को राजनीति से प्रेरित करार दिया है। तेजस्वी यादव के दिल्ली दौरे और इस बड़े राजनीतिक जमावड़े से राष्ट्रीय राजधानी का सियासी पारा एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है।