उत्तराखंड में वर्ष 2027 में प्रस्तावित आगामी विधानसभा चुनावों से पूर्व तराई अंचल के ऊधम सिंह नगर जिले से कांग्रेस पार्टी के लिए अत्यंत उत्साहजनक समाचार सामने आया है। जिले की किच्छा और नवगठित सिरौली कलां नगर पालिका परिषद के बहुप्रतीक्षित चुनाव परिणामों में कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को शिकस्त देते हुए दोनों प्रमुख अध्यक्ष पदों पर शानदार विजय दर्ज की है। सर्वोच्च न्यायालय के हस्तक्षेप और स्पष्ट दिशा-निर्देशों के उपरांत कराई गई मतगणना में जनता ने कांग्रेस प्रत्याशियों के पक्ष में एकतरफा जनादेश दिया है।
किच्छा नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष पद पर हुए कड़े मुकाबले में कांग्रेस प्रत्याशी राजेश प्रताप सिंह ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी एवं भाजपा उम्मीदवार संदीप अरोड़ा (सोनू) को 6,077 मतों के भारी अंतर से पराजित किया। मतगणना के अंतिम आंकड़ों के अनुसार, राजेश प्रताप को 19,508 वोट प्राप्त हुए, जबकि भाजपा के संदीप अरोड़ा को 13,431 मतों से ही संतोष करना पड़ा। इस जीत के साथ ही किच्छा नगर पालिका के नए बोर्ड की कमान आधिकारिक रूप से कांग्रेस के हाथों में आ गई है।
दूसरी ओर, पहली बार नगर पालिका परिषद बनी सिरौली कलां सीट पर भी कांग्रेस का परचम लहराया है। सिरौली कलां नगर पालिका अध्यक्ष पद की दौड़ में कांग्रेस प्रत्याशी राशिदा बेगम ने अपनी निकटतम प्रतिद्वंद्वी निर्दलीय प्रत्याशी फरहीन जहां को 1,773 मतों से मात देकर इतिहास रच दिया। पहली बार अस्तित्व में आई इस नगर पालिका में राशिदा बेगम प्रथम पालिका अध्यक्ष चुनी गई हैं। उल्लेखनीय है कि सिरौली कलां में भाजपा ने अपना कोई अधिकृत प्रत्याशी मैदान में नहीं उतारा था।
इन दोनों नगर पालिकाओं के चुनाव परिणाम लंबे समय से जारी कानूनी खींचतान के उपरांत घोषित किए गए हैं। निकाय चुनाव 2025 से जुड़े इस प्रकरण में उच्च न्यायालय के स्थगनादेश के पश्चात मतगणना की प्रक्रिया लंबे समय तक बाधित रही थी। इसके पश्चात मामला शीर्ष अदालत पहुंचा, जहां सर्वोच्च न्यायालय ने मामले में हस्तक्षेप करते हुए निर्धारित समयावधि के भीतर मतगणना प्रक्रिया पूर्ण करने के कड़े आदेश दिए। अदालत के आदेश का अनुपालन करते हुए जिला प्रशासन ने कड़े सुरक्षा घेरे के मध्य पारदर्शी मतगणना संपन्न कराई।
राजनीतिक विश्लेषक इस दोहरी जीत को उत्तराखंड की तराई राजनीति में कांग्रेस विधायक तिलकराज बेहड़ और पूर्व भाजपा विधायक राजेश शुक्ला के मध्य वर्चस्व की लड़ाई के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण मान रहे हैं। 2027 के विधानसभा चुनाव से ठीक पूर्व प्राप्त इस सफलता पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने खुशी व्यक्त करते हुए इसे सत्ता परिवर्तन का स्पष्ट संकेत बताया है। जीत के उपरांत कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने रुद्रपुर और किच्छा क्षेत्र में आतिशबाजी कर तथा मिष्ठान वितरण कर विजय उत्सव मनाया।