चुनाव आयोग (EC) तथा मुख्य चुनाव आयुक्त की कार्यप्रणाली को लेकर जारी भीषण राजनीतिक घमासान के मध्य दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कांग्रेस एवं विपक्षी दलों पर अत्यंत कड़ा और तीखा हमला बोला है। मुख्यमंत्री ने विपक्षी नेताओं की बयानबाजी पर कड़ा ऐतराज व्यक्त करते हुए मांग की है कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं के विरुद्ध देशद्रोह का आपराधिक मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि संवैधानिक संस्थाओं पर अकारण सवाल उठाना और जनता के मन में संशय पैदा करना राष्ट्रहित के विरुद्ध एक गंभीर अपराध है।
राजधानी में आयोजित एक पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि विपक्षी दल देश में एक ऐसा असत्य और भ्रामक वातावरण निर्मित करने का प्रयास कर रहे हैं, जिसका धरातलीय सच्चाई से कोई सरोकार नहीं है। उन्होंने कहा कि अपनी राजनीतिक असफलताओं और देश के विकास पथ से जनता का ध्यान भटकाने के लिए विपक्षी नेता निरंतर बेतुके और निराधार मुद्दे गढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने सवाल किया कि जो दल चुनाव हारते ही चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्थाओं की साख पर उंगली उठाने लगते हैं, वे वास्तव में भारतीय लोकतंत्र की जड़ों को कमजोर करने का काम कर रहे हैं।
संवैधानिक संस्था की कार्यप्रणाली का बचाव करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में चुनाव आयोग पूर्ण निष्पक्षता, स्वतंत्रता और पारदर्शिता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आयोग के तीनों चुनाव आयुक्त प्रत्येक निर्णय पर पूरी सहमति और एकजुटता के साथ कदम उठा रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) और फॉर्म-6 प्रक्रिया का उल्लेख करते हुए कहा कि फर्जी, दोहरे और मृत मतदाताओं के नाम हटाना एक वैधानिक प्रक्रिया है, जिसे विपक्ष द्वारा भ्रम फैलाकर ‘वोट चोरी’ का नाम दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकारों के कार्यकाल का स्मरण दिलाते हुए कहा कि उस दौर में चुनाव आयोग किस प्रकार दबाव में कार्य करता था, यह तथ्य देश की जनता से छिपा नहीं है। आज जब पूरी पारदर्शी व्यवस्था के तहत मतदाता सूचियों का शुद्धिकरण किया जा रहा है, तो कांग्रेस और उसके सहयोगी दल जनता को गुमराह करने में जुटे हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में प्रश्नों का स्वागत है, किंतु आधारहीन आरोप लगाकर संवैधानिक निकायों को अपमानित करना पूरी तरह से अनुचित है।
रेखा गुप्ता ने सीधे तौर पर राहुल गांधी का नाम लेते हुए कहा कि उनकी गतिविधियां और लगातार दिए जा रहे अनर्गल वक्तव्य देश की अखंडता और लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सीधा प्रहार हैं। इसलिए ऐसे नेताओं पर कठोर कानूनी कार्रवाई करते हुए देशद्रोह का मामला दर्ज किया जाना चाहिए, ताकि देश की शीर्ष संवैधानिक संस्थाओं को राजनीतिक खींचतान का शिकार बनने से बचाया जा सके। मुख्यमंत्री के इस तीखे बयान के पश्चात दिल्ली से लेकर राष्ट्रीय स्तर की राजनीति में नया उबाल आ गया है।