उत्तराखंड की राजधानी देहरादून और नैनीताल सहित विभिन्न क्षेत्रों में दूषित पेयजल की आपूर्ति के कारण गंभीर स्वास्थ्य संकट उत्पन्न हो गया है। दूषित जल के सेवन से बड़ी संख्या में नागरिक उल्टी, दस्त और पेट के गंभीर संक्रमण से पीड़ित होकर चिकित्सालयों में भर्ती हुए हैं। इस लापरवाही के चलते दो निर्दोष नागरिकों की असामयिक मृत्यु हो गई, जिसके पश्चात संपूर्ण प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कड़ा रुख अपनाया है और प्रशासनिक स्तर पर सीधी जवाबदेही तय करते हुए पेयजल विभाग के छह अभियंताओं (इंजीनियरों) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कड़े निर्देशों के पश्चात पेयजल संस्थान एवं जल संस्थान के जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की गई है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में संदेश दिया है कि जनस्वास्थ्य और नागरिकों के जीवन के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता को कदापि सहन नहीं किया जाएगा। उन्होंने मुख्य सचिव और विभागीय उच्चाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि संपूर्ण राज्य में जलापूर्ति व्यवस्था की गहन जांच की जाए तथा दूषित जल स्रोतों को तत्काल चिह्नित कर पाइपलाइनों की मरम्मत एवं स्वच्छता का कार्य युद्ध स्तर पर पूरा किया जाए।
दूषित जल के कारण उत्पन्न बीमारियों के प्रकोप को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग को भी हाई अलर्ट पर रखा गया है। प्रभावित क्षेत्रों में विशेष चिकित्सा दल तैनात किए गए हैं जो घर-घर जाकर नागरिकों के स्वास्थ्य का परीक्षण कर रहे हैं और आवश्यक औषधियां वितरित कर रहे हैं। इसके साथ ही प्रभावित क्षेत्रों में टैंकरों के माध्यम से स्वच्छ पेयजल की वैकल्पिक आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। जिला प्रशासन द्वारा नागरिकों को जल उबालकर पीने तथा स्वच्छता संबंधी सावधानियां बरतने की निरंतर परामर्श जारी की जा रही है।
राज्य सरकार की इस त्वरित और कठोर कार्रवाई से प्रशासनिक तंत्र में हड़कंप मच गया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर इस गंभीर लापरवाही में संलिप्त पाए जाने वाले अन्य दोषी कर्मचारियों एवं ठेकेदारों के विरुद्ध भी कठोर कानूनी और विभागीय कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री के इस सख्त कदम की आम जनता द्वारा सराहना की जा रही है, वहीं विपक्ष भी इस मुद्दे पर जल जीवन मिशन और प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है।