महाराष्ट्र में खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) के आयुक्त और अपने कड़क रुख के लिए जाने जाने वाले वरिष्ठ आईएएस अधिकारी तुकाराम मुंढे ने जनस्वास्थ्य एवं भ्रामक विज्ञापनों को लेकर एक बार फिर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हालिया संबोधन का एक अंश सोशल मीडिया पर साझा करते हुए यह स्पष्ट संदेश दिया है कि सेलिब्रिटी होना कानून से ऊपर होने का लाइसेंस नहीं है। एफडीए आयुक्त ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि सार्वजनिक स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले विज्ञापनों का प्रचार-प्रसार करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, भले ही वह कितना भी बड़ा चर्चित चेहरा या प्रसिद्ध हस्ती क्यों न हो।
उल्लेखनीय है कि महाराष्ट्र एफडीए ने हाल ही में तंबाकू और गुटखा कंपनियों से प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े विज्ञापनों तथा स्वास्थ्य के लिए हानिकारक खाद्य पदार्थों एवं औषधियों का भ्रामक प्रचार करने के मामले में सख्त कदम उठाए हैं। एफडीए प्रशासन ने बॉलीवुड के कई शीर्ष अभिनेताओं, जिनमें शाह रुख खान और अजय देवगन जैसे बड़े नाम शामिल हैं, को नोटिस जारी किए थे। एफडीए की इस आक्रामक कार्रवाई से मनोरंजन और विज्ञापन जगत में हड़कंप मच गया था।
आईएएस अधिकारी तुकाराम मुंढे ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के वक्तव्य को उद्धृत करते हुए रेखांकित किया कि समाज में प्रसिद्ध हस्तियों और प्रभावशाली व्यक्तियों का जनता पर गहरा प्रभाव होता है। जब वे किसी उत्पाद का विज्ञापन करते हैं तो आम नागरिक, विशेषकर युवा, उन पर विश्वास करके उन उत्पादों का सेवन करने लगते हैं। ऐसे में यदि उत्पाद स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है तो उसका प्रचार करने वाले भी नैतिक एवं कानूनी उत्तरदायित्व से बच नहीं सकते। उन्होंने कहा कि कानून सभी नागरिकों के लिए समान है और जनस्वास्थ्य की रक्षा करना एफडीए की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
तुकाराम मुंढे के इस सख्त रुख से यह स्पष्ट हो गया है कि महाराष्ट्र सरकार और एफडीए अब भ्रामक तथा स्वास्थ्य के लिए घातक विज्ञापनों के विरुद्ध किसी भी प्रकार की शिथिलता बरतने के मूड में नहीं हैं। आने वाले समय में एफडीए द्वारा इस प्रकार के विज्ञापनों पर नियंत्रण हेतु नियमों को और अधिक कठोर बनाए जाने की संभावना है। प्रशासन के इस कड़े रुख की जनसामान्य और स्वास्थ्य विशेषज्ञों द्वारा व्यापक सराहना की जा रही है, जबकि विज्ञापनों में काम करने वाले कलाकारों और कंपनियों को अब अतिरिक्त सतर्कता बरतनी होगी।