असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस को लेकर तीखा राजनीतिक बयान दिया है। कूचबिहार के दौरे के दौरान हिमंता बिस्वा सरमा ने ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि ‘जोड़ा फूल’ उनके हाथों से पहले ही निकल चुका है और अब फुटबॉल भी पंचर हो जाएगी। उनका यह बयान पश्चिम बंगाल की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों और आने वाले उपचुनावों के संदर्भ में सामने आया है। तृणमूल कांग्रेस का चुनाव चिह्न ‘जोड़ा फूल’ है, जबकि आगामी नंदीग्राम उपचुनाव के लिए ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पार्टी को फुटबॉल चुनाव चिह्न आवंटित किया गया है।
हिमंता बिस्वा सरमा शनिवार को कूचबिहार स्थित ऐतिहासिक मधुपुर धाम पहुंचे थे। इसी दौरान पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने ममता बनर्जी को लेकर कहा कि वह अब पश्चिम बंगाल की राजनीति में वापस नहीं आएंगी। उन्होंने राज्य की नई सरकार के कामकाज का जिक्र करते हुए दावा किया कि पश्चिम बंगाल में विकास की गति तेज हुई है। ये बयान हिमंता सरमा के राजनीतिक आकलन और आलोचना का हिस्सा हैं, जबकि ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस की ओर से इन टिप्पणियों पर अलग प्रतिक्रिया सामने आ सकती है।
मधुपुर धाम के दौरे का एक प्रमुख उद्देश्य इस ऐतिहासिक धार्मिक स्थल के विकास से जुड़ा था। असम सरकार ने मधुपुर धाम के विकास के लिए 35 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। हिमंता सरमा ने कहा कि असम और पश्चिम बंगाल सरकार मिलकर इस स्थल को बड़े धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में काम करेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि यदि आसपास अतिरिक्त जमीन उपलब्ध होती है तो विकास परियोजना का विस्तार किया जा सकता है, जबकि जमीन उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में मौजूदा क्षेत्र के भीतर ही योजना तैयार की जाएगी।
मधुपुर धाम का संबंध असम के वैष्णव संत श्रीमंत शंकरदेव से है और यह स्थल उनके जीवन के अंतिम दौर से जुड़ा माना जाता है। हिमंता सरमा ने असम और पश्चिम बंगाल के बीच धार्मिक एवं सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने पर भी जोर दिया। उन्होंने पश्चिम बंगाल के एक प्रतिनिधिमंडल को असम स्थित बटद्रवा थान आने का निमंत्रण देने की बात कही, ताकि दोनों राज्यों से जुड़े शंकरदेव से संबंधित महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों को पर्यटन के व्यापक सर्किट से जोड़ा जा सके।
अपने दौरे के दौरान हिमंता सरमा ने पश्चिम बंगाल की पिछली सरकार को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी के मुख्यमंत्री रहते उन्हें मधुपुर धाम आने का अवसर नहीं मिला और अब पश्चिम बंगाल में नई सरकार के साथ इस स्थल के विकास को आगे बढ़ाने का मौका मिला है। उन्होंने वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों को विकास परियोजनाओं के लिए अनुकूल बताया। हालांकि, पश्चिम बंगाल के विकास और पिछली सरकार के कार्यकाल को लेकर हिमंता सरमा द्वारा की गई टिप्पणियां राजनीतिक दावे हैं।
इस बीच नंदीग्राम उपचुनाव भी पश्चिम बंगाल की राजनीति में चर्चा का विषय बना हुआ है। रिपोर्टों के मुताबिक कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को एक हत्या के मामले में गिरफ्तार किया गया और बाद में उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा गया। इसी राजनीतिक घटनाक्रम के बीच तृणमूल कांग्रेस के चुनाव चिह्न और नंदीग्राम उपचुनाव को लेकर हिमंता सरमा की टिप्पणी सामने आई। उन्होंने मिलन प्रधान की गिरफ्तारी को लेकर भी कहा कि यदि किसी व्यक्ति पर हत्या का आरोप है तो कानून के तहत कार्रवाई होनी चाहिए और दोष सिद्ध होने पर सजा मिलनी चाहिए।
हिमंता बिस्वा सरमा के इस बयान के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच बयानबाजी और तेज होने की संभावना है। एक तरफ मधुपुर धाम के विकास को लेकर असम और पश्चिम बंगाल सरकारों के बीच सहयोग की बात कही गई है, वहीं दूसरी तरफ इसी दौरे में हिमंता सरमा ने ममता बनर्जी की राजनीतिक भूमिका और तृणमूल कांग्रेस के चुनावी प्रदर्शन को लेकर तीखी टिप्पणी की है। ऐसे में उनका कूचबिहार दौरा धार्मिक पर्यटन, अंतरराज्यीय सहयोग और पश्चिम बंगाल की राजनीतिक गतिविधियों—तीनों वजहों से चर्चा में है।