हिमाचल प्रदेश के कुल्लू में लगातार भारी बारिश से हालात बेहद गंभीर हो गए हैं। यहां कई इलाके ब्यास नदी में आई बाढ़ से प्रभावित हुए हैं।
हिमाचल प्रदेश के कुल्लू में लगातार भारी बारिश से हालात बेहद गंभीर हो गए हैं। यहाँ कई इलाके ब्यास नदी में आई बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। कुल्लू-मनाली NH3 का करीब 3 किलोमीटर हिस्सा बह गया है। नदी का रुख अब NH की ओर हो गया है, मनाली के बहांग इलाके में एक और दो मंजिला इमारत बह गई।
लगातार हो रहे भूस्खलन से हालात और बिगड़ते जा रहे हैं। सुबह-सुबह यहां 2 रेस्टोरेंट और 2 दुकानें भी ढह गईं। अब ब्यास नदी का जलस्तर बढ़ने से एक और दो मंजिला इमारत ढह गई।
दवाडा के पास ब्यास नदी पर बना पैदल पुल भी नदी की तेज़ लहरों में डूब गया। जलस्तर बढ़ने से पानी पुल तक पहुँच गया और कुछ ही देर में पूरा पैदल पुल ढह गया।
ब्यास नदी का पानी अब हाईवे तक पहुँच गया है। दवाड़ा के पास राष्ट्रीय राजमार्ग का एक बड़ा हिस्सा भी बह गया है। प्रशासन का कहना है कि नदी के जलस्तर में यह वृद्धि लार्गी पावर हाउस के लिए भी खतरा पैदा कर रही है। वर्ष 2023 में भी यहाँ ऐसी ही स्थिति उत्पन्न हुई थी, जब पावर हाउस को भारी नुकसान उठाना पड़ा था। इस बार भी खतरा बना हुआ है।
ब्यास नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए बीबीएमबी (भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड) ने पंडोह बांध के सभी पांचों गेट खोल दिए हैं। बांध से लगभग 90 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। पानी में गाद की मात्रा अधिक होने के कारण बग्गी टनल को आपूर्ति रोकनी पड़ी है, जिससे बिजली उत्पादन भी ठप हो गया है। बीबीएमबी ने बताया कि ब्यास नदी में जो भी पानी आ रहा है, उसे सीधे नदी में छोड़ा जा रहा है। पानी के बहाव को देखते हुए बांध की फ्लशिंग का काम भी शुरू कर दिया गया है।