सीबीएसई का नया इकोनॉमिक्स सैंपल पेपर 12वीं के स्टूडेंट्स के लिए एग्जाम की तैयारी का ब्लूप्रिंट है. इससे सवालों के लेवल और पैटर्न का अंदाजा लगेगा
एग्जाम से पहले स्टूडेंट्स असमंजस में होते हैं कि पेपर में कैसे सवाल आएंगे और किस तरह की तैयारी करनी होगी. सीबीएसई ने 12वीं क्लास के बच्चों के लिए इकोनॉमिक्स का सैंपल पेपर जारी कर दिए हैं, जो 2025-26 सेशन के हिसाब से तैयार किया गया है. अच्छी बात यह है कि पैटर्न पहले जैसा ही रहेगा, लेकिन इस पेपर से कौन-से टॉपिक सबसे अहम हैं और किस तरह के सवाल पर ज्यादा फोकस करना ये सैंपल पेपर से ही पता चलेगा.
आइए जानते हैं कि सीबीएसई 12वीं इकोनॉमिक्स के पेपर में क्या खास है, ये जानते हैं. समझते हैं कि शॉर्ट आंसर और लॉन्ग आंसर टाइप के कौन से सवाल महत्वपूर्ण हैं.
परीक्षा में कैसे आ सकते हैं सवाल ?
- Money is non-perishable and is acceptable to anyone at any point of time. इस स्टेटमेंट से मनी का कौन-सा फंक्शन समझ आता है?
- 2023-24 में Real GDP 173.82 लाख करोड़ रुपये और Nominal GDP 295.36 लाख करोड़ रुपये है. GDP Deflator कितना होगा?
- RBI की स्थापना किस साल हुई थी? 1934, 1935, 1936 या 1937?
- ‘The statutory requirement of the Reserve Ratio (RR) acts as a limit to the amount of credit that banks can create.’इस स्टेटमेंट को सही ठहराइए.
- Ms. Sarika is a retired government employee उनकी इनकम को Factor Income और Transfer Income में कैसे क्लासिफाई करेंगे?
- भारत का फिस्कल डेफिसिट 2022-23 में 6.4% से घटकर 2023-24 में ग्लोबलाइजेशन के भारत पर सकारात्मक और नकारात्मक असर समझाइए.
- नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020 के लक्ष्य और शिक्षा में निवेश बढ़ाने की जरूरत बताइए.
- इंडस्ट्रियल पॉलिसी 1956 में उद्योगों को कैसे वर्गीकृत किया गया?
कैसा होगा पेपर का पैटर्न?
पेपर का कुल समय 3 घंटे का होगा और अधिकतम अंक 80 रहेंगे. इसमें दो हिस्से होंगे, मैक्रो इकोनॉमिक्स और इंडियन इकोनॉमिक डेवलपमेंट. इसमें एक मार्क्स के 20 ऑब्जेक्टिव टाइप क्वेश्चन होंगे. 3-3 मार्क्स के 4 शॉर्ट आंसर टाइप क्वेश्चन होंगे, जिनका जवाब 60 से 80 शब्दों में लिखना होगा. वहीं 4-4 मार्क्स के 6 शॉर्ट आंसर टाइप क्वेश्चन होंगे, जिनके जवाब 80 से 100 शब्दों में देने होंगे. 4 लॉन्ग आंसर टाइप क्वेश्चन होंगे, जिनके लिए 6 मार्क्स मिलेंगे. इनके जवाब 100-150 शब्दों में देने होंगे.
किन बातों का रखें ध्यान
- सिलेबस को अच्छी तरह पढ़ें. मैक्रो और इंडियन इकोनॉमिक डेवलपमेंट, दोनों सेक्शन महत्वपूर्ण हैं.
- ग्राफ और डेटा का प्रैक्टिस करें. कई सवाल डायग्राम और कैलकुलेशन पर आधारित होंगे.
- डेटा और उदाहरण याद रखें, जैसे फिस्कल डेफिसिट, GDP ग्रोथ या RBI से जुड़ी रिपोर्ट्स.
- उत्तर लिखने की आदत डालें. लंबे जवाब में पॉइंट्स और क्लियर स्ट्रक्चर होना चाहिए.
- 3 घंटे में सभी सवाल पूरे करने के लिए प्रैक्टिस जरूरी है.