अप्रैल से अक्टूबर के दौरान भारत से हांगकांग को निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वाणिज्य मंत्रालय के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, चालू वित्त वर्ष के अप्रैल–अक्टूबर में भारत का हांगकांग की ओर निर्यात 20% बढ़कर 4.36 अरब डॉलर हो गया है, जबकि पिछले वर्ष यह 3.60 अरब डॉलर था। जेम्स–ज्वेलरी और टेलीकॉम उपकरणों की बढ़ती मांग इस वृद्धि का मुख्य कारण मानी जा रही है। भारत के शीर्ष दस निर्यात गंतव्यों में हांगकांग का स्थान है और कुल निर्यात में इसकी हिस्सेदारी लगभग 2% है।
अमेरिका द्वारा भारतीय उत्पादों पर ऊँचे टैरिफ लगाए जाने के बाद भारत सरकार और निर्यातकों ने निर्यात गंतव्यों में विविधता लाने के जो प्रयास किए थे, उसके सकारात्मक परिणाम अब साफ दिख रहे हैं। अमेरिका के अलावा अन्य बाजारों में निर्यात बढ़ने से अमेरिकी निर्यात में आई कमी की भरपाई होने की संभावना बढ़ी है। हालांकि वैश्विक अनिश्चितता के कारण अक्टूबर में भारत का कुल निर्यात 11.75% घटकर 34.35 अरब डॉलर रह गया, लेकिन हांगकांग की ओर निर्यात में निरंतर सुधार देखने को मिला है।
इसके साथ ही, नए निर्यात बाजारों के साथ-साथ मौजूदा बाजारों में निर्यात बढ़ाने के प्रयास भी सफलतापूर्वक आगे बढ़ रहे हैं। सरकारी सूत्रों के अनुसार, वित्त वर्ष के पहले छह महीनों में 111 देशों को वस्त्र निर्यात में 10% वृद्धि दर्ज की गई है। पिछले वर्ष के 771.85 करोड़ डॉलर की तुलना में यह आंकड़ा 848.90 करोड़ डॉलर रहा है। एक निजी बैंक के सर्वे में भी रोचक निष्कर्ष आए हैं, जिसमें 85% व्यापारिक समूहों ने सऊदी अरब को व्यापार और निवेश के लिए सबसे आकर्षक गंतव्य बताया है।