अक्टूबर 2025 में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भारतीय वायुसेना के अंबाला एयरबेस से राफेल लड़ाकू विमान में उड़ान भरकर एक बड़ा इतिहास रच दिया। यह घटना सिर्फ एक औपचारिकता नहीं थी, बल्कि भारत की शक्ति, नारी सामर्थ्य और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान को दिया गया संदेश था.
पाकिस्तान के दावे, भारत का जवाब
इस मौके पर राष्ट्रपति ने स्क्वाड्रन लीडर शिवांगी सिंह के साथ पोज़ दिया, जो उन भारतीय वायुसेना की पायलट हैं, जिनकी पाकिस्तान ने मई 2025 के आतंकी हमलों के बाद अपने कब्जे में होने का दावा किया था। वस्तुतः, पाकिस्तान का यह दावा पूरी तरह से झूठा साबित हुआ। ऑपरेशन सिंदूर में भारत की ओर से किए गए कड़े सैन्य जवाब के बाद वहां की मीडिया द्वारा कई दावे किए गए थे, जिसमें राफेल को गिराना और भारतीय सैनिकों को पकड़ना भी शामिल था.
राष्ट्रपति ने क्या कहा?
राष्ट्रपति मुर्मू ने अपनी पहली राफेल उड़ान को “अविस्मरणीय अनुभव” बताते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा और भारतीय वायुसेना के पराक्रम की सराहना की। उन्होंने कहा, “शक्तिशाली राफेल विमान की पहली उड़ान ने मुझमें राष्ट्र की रक्षा क्षमताओं के प्रति गर्व की एक नई भावना भर दी है। पूरी भारतीय वायुसेना और अंबाला की टीम को हार्दिक बधाई!”
तकनीकी और सैन्य पहचान
राफेल, दुनिया के सबसे आधुनिक लड़ाकू विमानों में से एक है। इसमें अत्याधुनिक रडार, हथियार और इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम हैं। इस विमान की 4.5 जेनरेशन मल्टीरोल कैपेबिलिटी भारत की हवाई शक्ति को नया आयाम देती है। राष्ट्रपति ने लगभग 30 मिनट तक 15,000 फीट की ऊंचाई और 700 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ान भरी, जिससे उनका तकनीकी और सामरिक पक्ष भी उजागर हुआ.
महिला शक्ति और प्रेरणा
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और स्क्वाड्रन लीडर शिवांगी सिंह की यह तस्वीर और अनुभव लाखों महिलाओं और युवाओं के लिए भी मिसाल है। देश की सर्वोच्च कमांडर द्वारा फाइटर जेट में उड़ान भरना यह दर्शाता है कि भारत की महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। इससे पहले राष्ट्रपति मुर्मू ने असम के तेजपुर एयरबेस से सुखोई में भी उड़ान भरी थी.
भारत की अंतरराष्ट्रीय छवि
विश्व पटल पर भारत ने राफेल की ताकत और राष्ट्रपति के साथ सेना का मनोबल दिखाकर यह प्रमाणित किया है कि देश की सुरक्षा न सिर्फ तकनीकी लिहाज से मजबूत है, बल्कि नेतृत्वकर्ता भी साहसी और प्रेरणादायक हैं। पाकिस्तान को इस घटना से कड़ा संदेश मिला है कि भारत की सेनाएं न केवल सक्षम हैं, बल्कि उनका हौसला और समर्पण भी बेजोड़ है.
राष्ट्रपति मुर्मू की राफेल उड़ान ने एक साथ कई संदेश दिए—आत्मनिर्भर भारत, महिला सशक्तिकरण, रक्षा क्षेत्र में उन्नत तकनीक और पड़ोसी मुल्कों में भारत की मजबूत छवि। यह घटना आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है और भारतीय वायुसेना के प्रति आम नागरिकों के भरोसे को और मजबूत करती है.