एसबीआई रिसर्च ने कहा है कि अक्टूबर में ब्याज दरों में कटौती की संभावना नहीं है, क्योंकि अगस्त 2025 में भारत की खुदरा महंगाई दर (CPI) थोड़ा बढ़कर 2.07% पर पहुंच गई है। दिसंबर तक भी कटौती की संभावना कमजोर है, हालांकि यदि पहली दो तिमाहियों में विकास के आंकड़े सुधरते हैं तो ही यह संभव हो सकता है।
रिपोर्ट के अनुसार हाल ही में करीब 295 आवश्यक वस्तुओं पर जीएसटी को 12% से घटाकर 5% या शून्य कर दिया गया है। इसके चलते FY26 में महंगाई में 25–30 बेसिस प्वाइंट तक की कमी आ सकती है। साथ ही सेवाओं पर कर घटने से अतिरिक्त 40–45 बेसिस प्वाइंट की राहत मिलेगी। कुल मिलाकर FY26–27 में CPI महंगाई 65–75 बेसिस प्वाइंट तक नरम हो सकती है।
खाद्य पदार्थों की कीमतों में फिर तेजी देखी गई है। मांस और मछली 1.48% बढ़े, तेल और वसा में 21.24% की तेज उछाल आया, जबकि सब्जियों में अब भी -15.92% की गिरावट दर्ज रही। कोर महंगाई 4.16% तक पहुंच गई। ग्रामीण महंगाई 1.69% और शहरी महंगाई 2.47% रही।
राज्यों में 35 में से 26 राज्यों में महंगाई 4% से कम रही, जबकि केरल और लक्षद्वीप में 6% से ज्यादा दर्ज की गई। दूसरी ओर खरीफ बुवाई पिछले साल से 2.5% अधिक हुई है, लेकिन भारी वर्षा फसल उत्पादन को जोखिम में डाल सकती है।