प्रधानमंत्री मोदी ने घोषणा की कि अगली पीढ़ी के जीएसटी सुधारों से गरीब और मध्यम वर्ग पर कर का बोझ कम हुआ है, जबकि व्यापार संचालन में वृद्धि हुई है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि सरकार के अगली पीढ़ी के जीएसटी सुधारों से गरीब और मध्यम वर्ग पर कर का बोझ काफी कम हो गया है, जबकि कारोबार करने में आसानी हुई है।
उत्तर प्रदेश अंतर्राष्ट्रीय व्यापार शो 2025 के उद्घाटन के अवसर पर बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि जीएसटी में संरचनात्मक सुधार “भारत की विकास कहानी को नए पंख देंगे”।
मोदी ने कहा कि सरकार ने 2017 में जीएसटी लागू करके अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था में सुधार पेश किए, जो अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था, जिसके बाद इस वर्ष सितंबर में और सुधार किए गए।
यूपीए सरकार के करों की तुलना करते हुए मोदी ने कहा, “2014 से पहले इतने ज़्यादा कर थे कि न तो व्यवसाय और न ही परिवार अपना बजट संतुलित कर पाते थे। 2014 में ₹ 1,000 की शर्ट पर ₹ 117 का कर लगता था । 2017 में जीएसटी लागू होने के बाद यह कर घटकर ₹ 50 रह गया। अब, नेक्स्टजेन जीएसटी सुधार के बाद, ₹ 1,000 की शर्ट पर सिर्फ़ ₹ 35 देने होंगे ।”
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जीएसटी सुधार आगे भी जारी रहेंगे, तथा भारत की कराधान प्रणाली को सरल, निष्पक्ष और विकासोन्मुखी बनाने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
मोदी ने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि किस प्रकार जीएसटी दरों में कमी से परिवारों और छोटे व्यापारियों को लाभ हुआ है। उन्होंने कहा कि इस सुधार से समान अवसर सुनिश्चित हुए हैं, कर चोरी पर अंकुश लगा है और प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ी है।
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मोदी ने कहा, “हम यहीं नहीं रुकेंगे… जैसे-जैसे अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, कर का बोझ कम होता जाएगा… देशवासियों के आशीर्वाद से जीएसटी में सुधार जारी रहेगा।”
उन्होंने सरकार द्वारा उठाए गए कदमों पर प्रकाश डाला, जिसमें सालाना 12 लाख रुपये तक की आय वाले व्यक्तियों पर कोई आयकर नहीं लगाना और जीएसटी 2.0 सुधार शामिल हैं, और कहा कि इन पहलों के परिणामस्वरूप लोगों के हाथों में अधिक बचत होगी।
मोदी ने कहा कि भारत एक जीवंत रक्षा क्षेत्र विकसित कर रहा है, एक ऐसा पारिस्थितिकी तंत्र बना रहा है जहां हर घटक पर ‘मेड इन इंडिया’ का चिह्न अंकित हो।
उन्होंने कहा कि रूस के सहयोग से उत्तर प्रदेश में स्थापित एक कारखाने में जल्द ही एके-203 राइफलों का उत्पादन शुरू हो जाएगा।
मोदी ने इस बात पर ज़ोर दिया कि भारत को आत्मनिर्भर बनना होगा और उन्होंने अनुसंधान एवं नवाचार में निवेश बढ़ाने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में बनने वाला हर उत्पाद भारत में ही बनाया जाना चाहिए।
वैश्विक निवेश को आमंत्रित करते हुए मोदी ने कहा कि भू-राजनीतिक व्यवधानों और अनिश्चितता के बावजूद भारत की वृद्धि आकर्षक बनी हुई है।