अमेरिका ने स्टील और एल्युमिनियम पर टैरिफ लगाने के बाद भारत के इंजीनियरिंग निर्यात पर गंभीर असर पड़ने की संभावना है। अनुमान है कि भारत के अमेरिका को इंजीनियरिंग निर्यात में करीब 7.5 से 8 अरब डॉलर का झटका लग सकता है। इस क्षेत्र की लगभग सभी प्रोडक्ट्स अब 50% टैरिफ के दायरे में आ गई हैं, जिससे उद्योगपति सरकार से तत्काल राहत की मांग कर रहे हैं। इंजीनियरिंग एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल के मुताबिक टैरिफ के कारण कारोबार आधे स्तर पर आ गया है और नए ऑर्डर लगभग बंद हो गए हैं।
वित्त वर्ष 2024-25 में अमेरिका को भारत का कुल इंजीनियरिंग निर्यात 20 अरब डॉलर रहा। इसमें 5 अरब डॉलर का निर्यात स्टील, एल्युमिनियम और संबंधित प्रोडक्ट्स से, 2.6 अरब डॉलर ऑटो सेक्टर से और शेष 12.5 अरब डॉलर अन्य इंजीनियरिंग प्रोडक्ट्स से आया। स्टील और एल्युमिनियम निर्यात में करीब 20% गिरावट की आशंका है, जबकि ऑटो सेक्टर में 0.5 अरब डॉलर की कमी का अनुमान है।
जुलाई में टैरिफ की समयसीमा लागू होने से पहले निर्यातकों ने बड़े पैमाने पर माल भेजा था। इसके चलते अप्रैल-जुलाई के दौरान भारत का कुल इंजीनियरिंग निर्यात 6.08% बढ़कर 39.34 अरब डॉलर हुआ, जिसमें अमेरिका को निर्यात 12.6% बढ़कर 6.95 अरब डॉलर हो गया। सिर्फ जुलाई में ही निर्यात 19.2% बढ़कर 1.81 अरब डॉलर दर्ज किया गया। इस अवधि में औद्योगिक मशीनरी अमेरिका को सबसे बड़ा निर्यात रही, जो अप्रैल-जुलाई में 17% बढ़कर 1.57 अरब डॉलर तक पहुंची।