जुलाई से विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयरों में 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक की बिकवाली की है। इसके बावजूद घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) की खरीदारी ने बाजार को सहारा दिया।
1 जुलाई से 8 सितंबर तक एफआईआई ने 1.02 लाख करोड़ रुपये बेचे, जिसमें सितंबर के पहले छह दिनों में ही 7,800 करोड़ रुपये की बिक्री हुई। 13 सितंबर तक एनएसडीएल डेटा के अनुसार बिक्री 11,169 करोड़ रुपये रही। 2025 में अब तक एफआईआई ने 2.18 लाख करोड़ रुपये बेचे हैं, जबकि डीआईआई ने 5.37 लाख करोड़ रुपये की खरीदारी की है।
विश्लेषकों का मानना है कि एफआईआई ने चीन, हांगकांग और दक्षिण कोरिया जैसे सस्ते बाजारों में निवेश स्थानांतरित किया है। लेकिन भारत की मजबूत जीडीपी वृद्धि, कर सुधार और आने वाली ब्याज दरों की कटौती की संभावना से निवेश फिर लौट सकता है।