जुलाई महीने में म्यूचुअल फंड हाउस का नकद भंडार पहली बार 4 लाख करोड़ रुपये की सीमा पार कर गया है। प्राइमएमएफ के ताज़ा आँकड़े बताते हैं कि लगातार दो महीने की गिरावट के बाद जुलाई में कैश होल्डिंग लगभग 18% बढ़कर 4.16 लाख करोड़ रुपये तक पहुँच गई। विशेषज्ञों के अनुसार, यह बढ़ोतरी शेयर बाज़ार के ऊँचे मूल्यांकन, ट्रेडिंग की अनिश्चितता और नई फंड ऑफ़र (NFO) के प्रवाह के कारण हुई है।
फंड हाउस में सबसे अधिक बढ़ोतरी एसबीआई, एक्सिस और आदित्य बिड़ला सन लाइफ म्यूचुअल फंड में देखने को मिली। इन्होंने क्रमशः 10,396.19 करोड़ रुपये, 7,952.85 करोड़ रुपये और 4,404.51 करोड़ रुपये तक नकद भंडार बढ़ाया। दूसरी ओर, फ्रैंकलिन टेम्पलटन, केनरा रोबेको, पीजाआईएम इंडिया और डीएसपी म्यूचुअल फंड की कैश होल्डिंग 419.64 करोड़ रुपये से 597.82 करोड़ रुपये के बीच घट गई।
इक्विटी स्कीम्स में भी कैश होल्डिंग शुद्ध रूप से 2,034.61 करोड़ रुपये बढ़कर 1.52 लाख करोड़ रुपये हो गई। इक्विटी एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) की प्रतिशत हिस्सेदारी के हिसाब से ट्रस्ट म्यूचुअल फंड, क्वांटम म्यूचुअल फंड, PPFAS और ओल्ड ब्रिज म्यूचुअल फंड ने 10.5% से 12.96% तक नकद रखा है, जबकि सैमको और मोतीलाल ओसवाल म्यूचुअल फंड ने लगभग 8% कैश बनाए रखा है।
जुलाई में लॉन्च किए गए 30 नए फंड ऑफ़रों का भी कैश होल्डिंग बढ़ने में बड़ा योगदान रहा, क्योंकि विभिन्न फंड हाउसों ने नए निवेशकों से प्राप्त राशि को अस्थायी रूप से नकद के रूप में ही सुरक्षित रखा था।