अमेरिका द्वारा भारत से आयातित माल पर 50% टैरिफ लगाने के फैसले का सीधा असर भारतीय रेडीमेड गारमेंट उद्योग पर पड़ने वाला है। क्रिसिल रेटिंग्स की एक रिपोर्ट के अनुसार चालू वित्त वर्ष में इस उद्योग की आय वृद्धि घटकर केवल 3-5% रहने का अनुमान है, जबकि पिछले वित्त वर्ष की तुलना में यह लगभग आधी रह जाएगी।
अमेरिका भारतीय गारमेंट का सबसे बड़ा निर्यात बाजार है। वित्त वर्ष 2024 में भारत से कुल 16 अरब डॉलर के गारमेंट निर्यात में 33% हिस्सेदारी अमेरिका की रही थी। लेकिन ऊंचे टैरिफ के चलते भारत की प्रतिस्पर्धात्मकता एशियाई प्रतिद्वंद्वियों की तुलना में कमजोर पड़ सकती है। यदि 50% टैरिफ लंबे समय तक लागू रहा तो अमेरिका में भारतीय गारमेंट निर्यात में भारी गिरावट देखने को मिलेगी।
चालू वित्त वर्ष में भारत के गारमेंट निर्यात में अमेरिका की हिस्सेदारी घटकर 20-25% तक सिमटने का अनुमान जताया जा रहा है। वित्त वर्ष 2025 की पहली तिमाही में भारत का गारमेंट निर्यात 10% बढ़कर 4 अरब डॉलर रहा था, जिसमें अमेरिका का योगदान 14% रहा। हालांकि सितंबर के बाद से निर्यात में गिरावट शुरू होने की संभावना है। निर्यात में इस गिरावट के कारण गारमेंट निर्माताओं की लाभप्रदता पर भी दबाव बढ़ सकता है।