अमेरिका द्वारा भारत से आने वाले माल पर कुल 50% टैरिफ लगाने का फैसला भारत की निर्यात क्षमता पर बड़ा असर डालेगा। इसके चलते वियतनाम और चीन जैसे देशों को प्रतिस्पर्धात्मक लाभ मिलेगा, क्योंकि इन देशों के उत्पादों पर भारत की तुलना में कम टैरिफ लगाया गया है।
इस फैसले से जुड़े निर्यात संबंधी चुनौतियों पर चर्चा करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) इस सप्ताह निर्यातकों के साथ विशेष बैठक करने जा रही है। अमेरिका के होमलैंड सिक्योरिटी विभाग द्वारा जारी नोटिस के अनुसार, 27 अगस्त से भारत से उपभोग हेतु आने वाले या वेयरहाउस से मिलने वाले सामान पर अतिरिक्त 25% ड्यूटी वसूली जाएगी। इससे भारत पर लागू कुल टैरिफ 50% हो जाएगा।
ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (GTRI) की रिपोर्ट के मुताबिक, इस ऊंचे टैरिफ का असर भारत की 85 अरब डॉलर की वार्षिक अमेरिकी निर्यात में से करीब 60 अरब डॉलर पर पड़ेगा। प्रभावित क्षेत्रों में टेक्सटाइल, जेम्स एंड ज्वेलरी, कारपेट और फर्नीचर जैसे प्रमुख सेक्टर शामिल हैं।
उच्च टैरिफ के कारण अमेरिकी बाजार में भारत की प्रतिस्पर्धात्मकता कम हो जाएगी, जबकि मैक्सिको, चीन, वियतनाम, तुर्की और पाकिस्तान जैसे देशों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। सूत्रों के अनुसार, सप्ताह के अंत तक RBI और निर्यातकों के बीच बैठक आयोजित होगी, जिसमें इस 50% टैरिफ की स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक कदमों पर चर्चा होगी।
सबसे अधिक चिंता छोटे और मध्यम उद्योगों (SMEs) के लिए है, जो मूल्य श्रृंखला का अहम हिस्सा हैं और इस फैसले से सीधे तौर पर प्रभावित होंगे।