अगस्त महीने में खुदरा महँगाई दर (Retail Inflation) में हल्की बढ़ोतरी हुई है। सरकार द्वारा जारी आँकड़ों के मुताबिक अगस्त में यह दर 2.07% रही, जबकि जुलाई में यह 1.61% और पिछले साल अगस्त में 3.65% थी। सब्जियों और मांस-मछली की कीमतों में वृद्धि के कारण कुल महँगाई बढ़ी है।
नेशनल स्टैटिस्टिक्स ऑफिस (NSO) के डेटा अनुसार अगस्त में खाद्य वस्तुओं की महँगाई -0.69% रही, जो जुलाई में -1.76% थी। सब्जी, मांस-मछली, तेल-फैट, अंडे और पर्सनल केयर वस्तुओं के दाम बढ़ने से खाद्य महँगाई बढ़ी।
विशेषकर तेल सेगमेंट में सबसे अधिक महँगाई देखी गई। अगस्त में तेल की महँगाई 21.2% रही, जो चार साल में सबसे ज्यादा है। सरसों तेल के दाम 24.2%, रिफाइंड तेल 23.5% और नारियल तेल में आश्चर्यजनक 133.1% की बढ़ोतरी दर्ज हुई।
क्षेत्रवार देखें तो ग्रामीण क्षेत्रों में खुदरा महँगाई अगस्त में बढ़कर 1.69% रही, जबकि जुलाई में 1.18% थी। शहरी क्षेत्रों में यह दर 2.47% रही, जो जुलाई में 2.1% थी। राज्यों में केरल में सबसे अधिक 9.04% और असम में सबसे कम -0.66% रही।
ICRA की चीफ इकॉनॉमिस्ट अदिति नायर के अनुसार फूड-बेवरिज सेगमेंट महँगाई का प्रमुख कारण रहा। कोर इन्फ्लेशन भी हल्का बढ़कर 4.3% हुआ, जो जुलाई में 4.2% था। उनका अनुमान है कि चालू वित्त वर्ष में औसत खुदरा महँगाई 2.6% के आसपास रहेगी और अक्टूबर-नवंबर में यह वर्ष की सबसे न्यूनतम स्तर पर पहुँच सकती है।